हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपभोक्ताओं को एक नई सुविधा देने का फैसला किया है। अब गांवों में रहने वाली महिलाओं को विद्युत सखी बनाकर उन्हें मीटर रीडिंग लेने और बिल जमा करने का काम सौंपा जाएगा। इससे उन्हें रोजगार का अवसर मिलेगा और उपभोक्ताओं को भी घर बैठे बिल भुगतान की सुविधा मिलेगी।विद्युत सखी कौन हैं और क्या काम करेंगी। विद्युत सखी वह महिलाएं हैं जो गांवों में रहती हैं और समूहों में काम करती हैं। विद्युत सखी को बिजली विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट भी दिया जाएगा। विद्युत सखी को अपने गांव के बिजली उपभोक्ताओं के यहां जाकर मीटर रीडिंग लेना होगा और उन्हें ऑन-स्पॉट बिल देना होगा। विद्युत सखी को दो किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के बिल जमा करने की भी जिम्मेदारी होगी। विद्युत सखी को हर बिल बनाने और भुगतान कराने पर 12 रुपये का कमीशन मिलेगा।विद्युत सखी की तैनाती कहां-कहां होगी। यूपी के बिजली विभाग ने वर्ष 2022-23 में गांवों में विद्युत सखियों की तैनाती करने का आदेश दिया था। पहले चरण में जिले में 1293 ग्राम पंचायतों में से 382 ग्राम पंचायतों में 382 विद्युत सखियां चयनित हुई थीं।अब शासन ने शेष 982 ग्राम पंचायतों में भी विद्युत सखियों का चयन और नियुक्ति करने का आदेश दिया है। इस प्रकार यूपी के गांवों में कुल 1364 विद्युत सखियां काम करेंगी। विद्युत सखी की व्यवस्था से कौन-कौन फायदा उठाएगा।विद्युत सखी की व्यवस्था से गांवों में रहने वाली महिलाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। बिजली उपभोक्ताओं को भी इससे फायदा होगा क्योंकि वे घर बैठे ही बिल भुगतान कर सकेंगे और उन्हें बिजली काउंटर तक जाने की जरूरत नहीं होगी। बिजली विभाग को भी इससे लाभ होगा क्योंकि वे अपने राजस्व को बढ़ा सकेंगे और मीटर रीडिंग और बिलिंग की गुणवत्ता में सुधार कर सकेंगे। विद्युत सखी की व्यवस्था यूपी के बिजली विभाग का एक बड़ा और प्रभावी कदम है जो गांवों में बिजली सेवा को बेहतर बनाने और महिलाओं को सशक्त बनाने का उद्देश्य रखता है। यदि आप भी विद्युत सखी बनना चाहते हैं तो अपने ग्राम पंचायत के बिजली विभाग से संपर्क करें और आवेदन करें।
