दुल्हन पक्ष के लोगों ने खाना खा रहे हिमांशु को खींचकर अलग किया और मारपीट शुरू कर दी। हिमांशु के साथ मारपीट होते देख उसके चाचा का बेटा बचाने के लिए आया। लेकिन लड़की पक्ष के लोगों ने उसे भी नहीं बख्शा। इसी दौरान किसी ने हिमांशु के पिता सत्यदेव शर्मा को झगड़ा होने की सूचना दे दी। सत्यदेव शर्मा जब मारपीट कर रहे लड़की के पिता संजय और अन्य लोगों को समझाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने हिमांशु और उसके चाचा के बेटे को छोड़ दिया और सत्यदेव शर्मा की बंदूक की वटों से पिटाई करना शुरू कर दिया। लड़की पक्ष के लोग सत्यदेव शर्मा को मरा हुआ समझकर मौके से भाग गए। जिसके बाद बाराती हिमांशु ,सत्यदेव शर्मा और निर्दोष को घायल अवस्था में अस्पताल ले कर गए। जहां डॉक्टरों ने सत्यदेव शर्मा को मृत घोषित कर दिया। जबकि हिमांशु और निर्दोष का इलाज करना शुरू कर दिया। पिता सत्यदेव शर्मा की हत्या के मामले में हिमांशु ने धारा147,148,149,323,324,307,
34 व 27 आर्म्स एक्ट में मुकद्दमा दर्ज करा दिया। इस मामले में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर खुशबू के पिता संजय पुत्र करण सिंह उसके भाई राकेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से दो लाइसेंस बंदूक भी बरामद की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
