हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में सूरदास महोत्सव का आरंभ प्रेम व उत्सव की भूमि कृष्ण की लीला स्थली में हुआ। महान संत सूरदास के सम्मान में पं दीनदयाल सभागार केशव धाम में आयोजित सूरदास महोत्सव में देश के अलग अलग शहरों से आये हुऐ कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल एम.के.एस. यादव, दीनदयाल धाम के निदेशक वरिष्ठ आरएसएस प्रचारक सोनपाल, मप्र आरएसएस के प्रांतीय प्रचारक रेवा राम, महामंडलेश्वर नवल गिरी महाराज व कार्यक्रम की संयोजिका अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। वृंदावन के केशव धाम में सूरदास महोत्सव की निर्देशिका वा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा द्वारा दो दिवसीय सूरदास महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। जिसमें प्रथम दिन भजन गायिका गायत्री शर्मा द्वारा अपनी प्रस्तुति दी गई। सूरदास महोत्सव की आयोजिका गीतांजलि शर्मा द्वारा मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुंबई से आये सुप्रसिद्ध भरत नाट्यम कलाकार पवित्र भट्ट और उनके समूह ने उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुति के माध्यम से कृष्ण के जीवन से दर्शकों को जोड़ते हुऐ सम्पूर्ण वातावरण को कृष्ण मय कर दिया। रामायण और महाभारत में अपनी आवाज देने वाले भजन गायक शैलेंद्र भारती ने संत सूरदास को नमन करते हुऐ अपने भजनों से श्रोताओं को सूरदास के पदों से राधा कृष्ण की दिव्य अनुभूति कराई। महोत्सव के आयोजन पर मुख्य अतिथि भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल एम.के.एस. यादव प्रस्तुतियां देख भाव विभोर हो उठे और उन्होंने कहा कि सूरदास महोत्सव के माध्यम से यह प्रयास न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

दीनदयाल धाम के निदेशक वरिष्ठ आरएसएस प्रचारक सोनपाल ने कहा कि महान संत सूरदास के पदों में रमणीक जमुना के तीर, कदम्ब की छांव, करील के कुंज और वृंदावन के वनों का दृश्य छलकता है। कायर्क्रम संयोजिका गीतांजलि शर्मा ने बताया कि सूरदास जी से प्रेरणा व आशीष लेकर इस उत्सव का शुभारंभ किया। यह महोत्सव शास्त्रीय नृत्य और संगीत की एक क्रांति है। पिछले कई वर्षों से यह आयोजन हो रहा है और आने वाले समय में शास्त्रीय नृत्य और संगीत के क्षेत्र में इतिहास रचेगा। इसका उद्देश्य व मिशन नृत्य व संगीत के माध्यम आज़ की युवा पीढ़ी के मन में उन मूल्यों की स्थापना करना है जिसे सूरदास जी ने ह्रदय के नेत्रों से उजागर किया था। इस मौके पर सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी,केशव धाम निदेशक ललित जी,वृंदावन जिला प्रचारक चंद्रशेखर,प्रचारक निरंजन लाल,डॉ देवभानु, पुष्पेंद्र चौधरी,डॉ अजय शर्मा,डॉ नीतू गोस्वामी,मेजर लवेन्द्र चौधरी,मोहित शर्मा, वर्षभान गोस्वामी, निखिल अग्रवाल, डॉ राजवीर सिंह, संजय शर्मा, जगदीश सिंह, नीतू सिंह, रोहित सिकरवार, गार्गी वशिष्ठ, वीनस शर्मा, नेहा त्रिपाठी, देव प्रकाश आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे। महोत्सव का संचालन विदूषी पांडेय ने किया।
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Author: Vijay Singhal
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