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श्रीबांकेबिहारी मंदिर की तंग गलियों व बाजार में जबरदस्त अतिक्रमण, श्रद्धालु परेशान

ByVijay Singhal

Dec 1, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी मंदिर की संकरी गलियों और बाजार में हो रहा अतिक्रमण श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बना हुआ है। यातायात व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन में बाधक बन रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी ने कई बार नाराजगी जताई और इसे हटाने के निर्देश दिए। नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चला, लेकिन यह अभियान भी यहां बेअसर साबित हो रहा है। ऐसे में नए साल में देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह अतिक्रमण परेशानी का बड़ा कारण बन सकता है। श्रीबांकेबिहारी मंदिर बाजार में हरि निकुंज चौराहे से विद्यापीठ चौराहे तक, विद्यापीठ से जुगल घाट तक, वीआईपी रोड पर, राधा स्नेह बिहारी मंदिर मार्ग एवं बांकेबिहारी मंदिर की तंग गलियों में दुकानदारों ने दुकानों के आगे बेंच एवं पट्टे लगाकर दुकान का सामान, पोशाक, पेड़ा, मुकुट शृंगार आदि सड़क पर रख लिए हैं। दुकानदारों के अतिक्रमण के बाद उसके आगे की जगह को रेहड़ी पटरी लगाने वालों ने घेर लिया है। आलम यह है कि 30 फीट चौड़ा बांकेबिहारी बाजार का रोड सिकुड़कर 10 फीट रह गया है। संकरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के कारण जहां यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो रही है, वहीं भीड़ का दबाव बढ़ जाने से श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने कई बार मंदिर क्षेत्र में अतिक्रमण पर नाराजगी जताते हुए उसे हटाने के निर्देश दिए। नगर निगम ने भी कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया, लेकिन अभियान भी यहां बेअसर ही रहा। निगम टीम के जाते ही दुकानदार व रेहड़ी पटरी लगाने वाले फिर अतिक्रमण कर लेते हैं। ऐसे में नए साल पर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अतिक्रमण के कारण परेशानियों से होकर गुजरना होगा। सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक ने बताया कि सोमवार को बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में अतिक्रमण खिलाफ कार्रवाई होगी। हर अतिक्रमण को हटाया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ ही उनका सामान भी जब्त किया जाएगा। यह अभियान अब निरंतर चलेगा।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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