हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा आयोजित रंगोत्सव-2025 के अंतर्गत गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर स्थित ओपन एयर थिएटर में नित्य रास का आयोजन हुआ। ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ उमेश चंद्र शर्मा की देखरेख और निदेशक प्रो दिनेश खन्ना के निर्देशन में अकादमी के प्रशिक्षुओं द्वारा नित्यरास की अद्भुत मनोहारी प्रस्तुति का आयोजन किया गया। गीता शोध संस्थान वृंदावन के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार के संचालन में ‘नित्य रास’ हुआ। इस मंचन में ब्रज गोपियां श्री कृष्ण के ब्रज में आने से स्वयं को गौरवान्वित मानती हुई कहती हैं हे श्रीकृष्ण! आपके जन्म से ब्रज की महिमा बढ़ गई है । बैकुंठ से भी श्रेष्ठ यह ब्रज है तभी तो लक्ष्मी जी सभी सुखों को त्याग कर यहां निवास करती हैं। अष्ट गोपियों के द्वारा सूरदास जी के द्वारा रचित पद द्वारा मंगलाचरण “चरण कमल बंदों हरि राई” का नृत्य के साथ गायन हुआ जिसका भाव श्री राधा कृष्ण के श्रीचरण परिन्दों की वंदना से है।
वंदना के पश्चात “अनुपम माधुरी जोड़ी हमारे श्याम श्याम की” इसमें युगल सरकार के अनुपम सौंदर्य का वर्णन किया गया है। अब सखियां आरती गायन में “आरती कुंज बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की” में संगीतमय भाव-नृत्य में अष्ट-सखियां सुंदर वाद्यों के साथ अद्भुत मनोहारी नृत्य संरचना देख सभी दर्शक मंत्रमुग्ध होकर आनंदित हुए। नित्य रास के साथ ही स्वामी घनश्याम शर्मा रासाचार्य द्वारा होली के गीत “आज बिरज में होरी रे रसिया” एवं “होरी खेलन आयो श्याम आज याय रंग में बोरो री” गायन ने दर्शकों को होली के रंग में सराबोर कर दिया।
प्रशिक्षुओं में कीर्ति गोस्वामी पारुल किशोरी प्राची डे नीलम राधा सिंह प्रियंका आकांक्षा रोशनी अंजलि कविता मोहिनी कृष्णदासी पायल आदि ने भाग लिया। अकादमी के प्रशिक्षकों में जगदीश पथरिया रासलीला सिद्धांत आकाश शर्मा स्वर संयोजन सुनील कुमार पाठक तबला/पखावज कृष्णा पांडे बांसुरी वादक मनमोहन कौशिक सारंगी वादक रासाचार्य घनश्याम भारद्वाज हारमोनियम रचना शर्मा नृत्य संयोजन रितु सिंह परिधान मोना ब्रजवासी मेकअप रितु ने कराया। रंगोत्सव में हुए ‘नित्य रास’ में डॉ विजय पंडित डॉ देवी पंथी शीतल देवयानी कपिल उपाध्याय, नेपाल के कुलपति घनश्याम परिश्रमी ब्रज कला केन्द्र से राजेंद्र अग्रवाल मथुरा श्रीमती ममता मृदुल आदि के साथ भारत-नेपाल से बुद्धिजीवी विद्वानों की उपस्थिति रही।
वंदना के पश्चात “अनुपम माधुरी जोड़ी हमारे श्याम श्याम की” इसमें युगल सरकार के अनुपम सौंदर्य का वर्णन किया गया है। अब सखियां आरती गायन में “आरती कुंज बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की” में संगीतमय भाव-नृत्य में अष्ट-सखियां सुंदर वाद्यों के साथ अद्भुत मनोहारी नृत्य संरचना देख सभी दर्शक मंत्रमुग्ध होकर आनंदित हुए। नित्य रास के साथ ही स्वामी घनश्याम शर्मा रासाचार्य द्वारा होली के गीत “आज बिरज में होरी रे रसिया” एवं “होरी खेलन आयो श्याम आज याय रंग में बोरो री” गायन ने दर्शकों को होली के रंग में सराबोर कर दिया।
प्रशिक्षुओं में कीर्ति गोस्वामी पारुल किशोरी प्राची डे नीलम राधा सिंह प्रियंका आकांक्षा रोशनी अंजलि कविता मोहिनी कृष्णदासी पायल आदि ने भाग लिया। अकादमी के प्रशिक्षकों में जगदीश पथरिया रासलीला सिद्धांत आकाश शर्मा स्वर संयोजन सुनील कुमार पाठक तबला/पखावज कृष्णा पांडे बांसुरी वादक मनमोहन कौशिक सारंगी वादक रासाचार्य घनश्याम भारद्वाज हारमोनियम रचना शर्मा नृत्य संयोजन रितु सिंह परिधान मोना ब्रजवासी मेकअप रितु ने कराया। रंगोत्सव में हुए ‘नित्य रास’ में डॉ विजय पंडित डॉ देवी पंथी शीतल देवयानी कपिल उपाध्याय, नेपाल के कुलपति घनश्याम परिश्रमी ब्रज कला केन्द्र से राजेंद्र अग्रवाल मथुरा श्रीमती ममता मृदुल आदि के साथ भारत-नेपाल से बुद्धिजीवी विद्वानों की उपस्थिति रही।
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Author: Vijay Singhal
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