हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। फास्ट फूड कॉर्नस पर पिचकू में रखे लाल और हरे रंग के केमिकल युक्त पदार्थ को अगर आप टोमेटो सॉस और चिली सॉस समझते हैं तो सावधान हो जाइए। यह केमिकल युक्त पदार्थ है जो सॉस की तरह दिखता जरूर है, लेकिन सॉस नहीं है। 15 रुपये लीटर में धड़ल्ले से नॉन ब्रांडेड कैन में इसकी बिक्री की जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का भी इस पर कोई ध्यान नहीं है।
चाऊमीन, बर्गर, पिज्जा, मोमोज, पेटीज आज युवाओं की पहली पसंद बन चुकी है। बात जब फास्ट फूड की हो तो सॉस को कैसे नजरंदाज किया जा सकता है। बिना टोमटो सॉस और चिली सॉस के फास्टफूड का स्वाद ही अधूरा सा लागत है, लेकिन शहर में सजने वाले फास्टफूड कॉर्नर पर मिलना वाला टोमेटो सॉस बिना टमाटर के और चिली सॉस बिना मिर्च के तैयार हो रहा है। दरअसल इनकी कीमत ही इतनी कम है, जिस पर सॉस तैयार ही नहीं हो सकता। शायद आप भी सुनकर हैरान रह जाएंगे कि पांच लीटर की अनब्रांडेड कैन में आने वाला सॉस महज 15 रुपये प्रति लीटर में मिल रहा है। एक लीटर की पैकिंग 18 रुपये में उपलब्ध है। ऐसे में अब आप ही अंदाजा लगा लीजिए कि आखिर इतने कम दामों पर कहां से टोमेटो और चिली सॉस तैयार हो सकता है। दरअसल, टोमेटो सॉस और चिली सॉस की तरह दिखने वाला यह पदार्थ सिंथेटिक रंग, अरारोट, मकई का आटा, सोडिएम बेंजोएट, एसिटिक एसिड और एसेंस से तैयार किया जाता है। इसी कारण यह इतनी कम कीमत पर उपलब्ध हो जाता है। वर्तमान में टमाटर जहां 50 रुपये किलो है तो वहीं हरी मिर्च सौ रुपये किलो के करीब है। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 15 रुपये प्रति लीटर में मिलने वाला सॉस जैसा दिखने वाला पदार्थ कितना शुद्ध होगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन भी इस पर आंखें मूंदे हुए हैं। अगर नमूने लिए जाएं और कार्रवाई हो तो हकीकत सबके सामने आ जाए।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
