हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा जनपद में तंबाकू उत्पादों की मनमानी बिक्री को लेकर लगाई गई पाबंदियां बेअसर नजर आ रही हैं। महानगर में कदम-कदम पर बिना लाइसेंस के तंबाकू उत्पादों की बिक्री की जा रही है। पाबंदी के बावजूद शिक्षण संस्थानों के आसपास भी धड़ल्ले से तंबाकू उत्पाद बिक रहे हैं। यह स्थिति तब है, जबकि नगर निगम द्वारा तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए उप विधि बनायी जा चुकी है, लेकिन उप विधि को लेकर अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं की गयी है। करीब एक वर्ष पूर्व नगर निगम द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार महानगर में दो हजार से अधिक तंबाकू उत्पादों के विक्रेता थे। इसके बाद उप विधि तैयार गयी। उप विधि को लागू करते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट सभाकक्ष में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए लाइसेंस भी जारी करके शुभारंभ किया। परंतु, यह अभियान शुभारंभ तक ही सीमित रह गया। शासन के आदेश पर गौर करें तो तंबाकू उत्पाद सिर्फ लाइसेंस धारक ही बेच सकता है। यही नहीं शिक्षण संस्थानों के 200 मीटर के दायरे में भी तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर सख्त पाबंदी है। लाइसेंस धारक को तंबाकू उत्पाद जैसे गुटखा, तंबाकू, बीड़ी सिगरेट आदि के अलावा किसी अन्य तरह के खाद्य पदार्थ बेचने की अनुमति नहीं है। यानि की गुटखा और तंबाकू विक्रेता टॉफी, चॉकलेट, पेस्टी, पेटीज, बिस्कुट, चिप्स, कोल्ड ड्रिग्स, आइसक्रीम आदि भी नहीं बेच सकता है। यदि वह ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई का प्राविधान है। महानगर में कदम-कदम पर तंबाकू उत्पादों की बिक्री हो रही है, लेकिन लाइसेंस धारकों का आंकड़ा 100 तक भी नहीं पहुंचा है। तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री को रोकने के लिए अभी तक नगर निगम प्रशासन द्वारा कोई अभियान भी नहीं चलाया गया है। इसके चलते जिन लोगों ने लाइसेंस बनवा लिए हैं, वे भी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। अकेले नगर निगम के कार्यालय के एक किलोमीटर के दायरे में ही तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर अंकुश नहीं लगा है। लाइसेंस बनाना तो दूर की बात अभी तक अधिकांश तंबाकू उत्पादकों ने लाइसेंस के लिए आवेदन तक नहीं किया है। यही नहीं जिन लोगों को लाइसेंस दिए जा रहे हैं, उनके यहां भी नियमों का पालन नहीं हो रहा। कुल मिलाकर लाइसेंस प्रक्रिया के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। इससे तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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Author: Vijay Singhal
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