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रसखान के बोल,” का नाट्य मंचन देखने उमड़े हजारों कला प्रेमी, दर्शक और तीर्थ यात्री

ByVijay Singhal

Oct 15, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, उप्र पर्यटन विभाग और जीएलए विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रेप से आयोजित पांच दिवसीय  “साँझी महोत्सव” के मंच पर, 14 अक्टूबर (शनिवार) रात एक अत्यंत अद्भुत नाटक  “रसखान के बोल,” का मंचन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और भारतेन्दु नाट्य अकादमी के पूर्व निदेशक और नवनियुक्त निर्देशक गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी प्रो दिनेश खन्ना के निर्देशन में हुआ। इस नाटक का संवाद कृष्ण भक्ति रचनाओं के महान संत रासखान की भक्ति के लिए था, जिन्होंने कृष्ण भक्ति के लिए कई दोहे, छंद, और चौपाई बनाए थे।
 प्रो दिनेश खन्ना ने “रसखान के बोल” नामक नाटक के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह नाटक संत रसखान की भक्ति और उनके रचनाओं को महत्वपूर्ण रूप से प्रस्तुत करता है।
नाटक में विकास शर्मा, पीयूष शर्मा, ऋषभ शर्मा, दिव्यांशु गौतम, ख़ुशी चौधरी, गुंजन सिंह, हिमांशी उपाध्याय, राधिका श्रीवास्तव, श्रद्धा व्यास, नंदनी द्विवेदी, अनुराधा मिश्रा, किशोरी अवस्थी, भानुप्रिया मिश्रा ने अपनी कला का प्रदर्शन किया साथ ही सूत्रधार की भूमिका में मनोज राठौर और रसखान की भूमिका में सौरभ बंसल ने अपनी प्रस्तुति दी।
आगरा आकाशवाणी के पूर्व म्यूजिक कंपोजर राजेश कुमार शर्मा ने चार चांद लगा दिए  और इनका तबले और मृदंग पर साथ दिया गोपाल बाबा ने और मजीरे पर साथ निभाया।
इस अत्यंत महत्वपूर्ण साँझी महोत्सव में “रसखान के बोल” नामक नाटक ने दर्शकों को संत रसखान के महान भक्ति और कृष्ण भक्ति के अद्वितीय संदेशों के साथ प्रेरित किया। इस अद्भुत कला का प्रस्तुतिकरण ने समाधि के माहौल में अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया और संत रसखान की महानता को नए पीढ़ियों तक पहुंचाने में सहायक रहा।
नाटक का आलेख उमेश चन्द्र शर्मा ने तैयार किया साथ ही यह नाटक सिर्फ़ 3 से 5 दिन के अंदर तैयार किया गया है। नाट्य मंचन देखने के लिए ओपन एयर थिएटर खचाखच भरा रहा और दर्शक अंत तक जमे रहे।
महोत्सव की मंचन व्यवस्थाएँ “गीता शोध संस्थान” और “रासलीला अकादमी” के संयुक्त समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने संभालीं।
नाटक के कलाकार और साँझी के चित्रकारों का सम्मान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ जे पी पांडेय, जिला पर्यटन अधिकारी डी के शर्मा, सहायक अभियंता दूधनाथ सिंह, डॉक्टर उमेश चंद्र शर्मा, “गीता शोध संस्थान” और “रासलीला अकादमी” के निदेशक प्रो दिनेश खन्ना, और अकादमी के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने किया।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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