हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। आगरा दिल्ली नेशनल हाईवे के महुअन टोल प्लाजा व यमुना एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा समेत अन्य टोल पर फास्टैग की केवाईसी होने पर ही बुधवार रात 12 बजे से सुगमता से जा सकेंगे। ऐसा न होने की स्थिति में फास्टैग के मुकाबले दोगुनी नकद राशि देनी होगी। तभी वाहन टोल प्लाज को पार कर सकेगा। फरह के महुअन टोल प्लाजा के मैनेजर ने राष्ट्रीय राजममार्ग प्राधिकरण के आदेश को देखते हुए वाहनों की लंबी कतार लगने की आशंका जताई है। उन्होंने स्टाफ बढ़ाते हुए फरह पुलिस से भी मदद मांगी है। यही हाल यमुना एक्सप्रेस-वे के मांट टोल का भी है। महुअन टोल प्रभारी निशांत शर्मा ने बताया कि फास्टैग की नो योर कस्टमर (केवाईसी) 31 जनवरी रात 12 बजे तक अपडेट करना होगी। फास्टैग अपडेट करने की सुविधा एप के साथ ऑफलाइन भी मिल रही है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने साफ किया है कि अब एक वाहन पर एक ही फास्टैग चलेगा, जिसका अपडेट होना जरूरी होगा। केवाईसी अपडेट न करने वाले फास्टैग को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, लोग उसके बाद भी अपडेट कर सकते हैं, लेकिन एक फरवरी से टोल प्लाजा से वाहन तभी गुजर सकेगा जब फास्टैग में केवाईसी अपडेट होगा और वो ब्लैकलिस्ट नहीं होगा।
बड़ी संख्या में केवाईसी कराने पहुंच रहे लोग
एनएचएआई के नए नियम के बाद काफी संख्या में मंगलवार को महुअन टोल प्लाजा स्थित कई कंपनियों के फास्टैग कर्मियों के पास वाहन चालक पहुंचे। उन्होंने केवाईसी कराई। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार फास्टैग लेने वाले व्यक्ति का केवाईसी अपडेट होना चाहिए। ऐसी स्थिति में गाड़ी भी उस व्यक्ति के नाम होनी चाहिए। अभी शुरुआत में यह छूट रहेगी कि गाड़ी भले ही किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर हो, लेकिन जो व्यक्ति फास्टैग जारी करा रहा है, उसका केवाईसी होना जरूरी है। आगे चलकर यह अनिवार्य कर दिया जाएगा कि गाड़ी, फास्टैग और केवाईसी का डाटा एक ही व्यक्ति का होना चाहिए।
एनएचएआई के नए नियम के बाद काफी संख्या में मंगलवार को महुअन टोल प्लाजा स्थित कई कंपनियों के फास्टैग कर्मियों के पास वाहन चालक पहुंचे। उन्होंने केवाईसी कराई। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार फास्टैग लेने वाले व्यक्ति का केवाईसी अपडेट होना चाहिए। ऐसी स्थिति में गाड़ी भी उस व्यक्ति के नाम होनी चाहिए। अभी शुरुआत में यह छूट रहेगी कि गाड़ी भले ही किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर हो, लेकिन जो व्यक्ति फास्टैग जारी करा रहा है, उसका केवाईसी होना जरूरी है। आगे चलकर यह अनिवार्य कर दिया जाएगा कि गाड़ी, फास्टैग और केवाईसी का डाटा एक ही व्यक्ति का होना चाहिए।
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Author: Vijay Singhal
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