हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में विक्रम संवत 2082 की शुरुआत रविवार को भव्य नवसंवत्सर शोभायात्रा के साथ हुई। इस शोभायात्रा ने सनातन धर्म की एकता और संस्कृति को एक नई दिशा दी। शोभायात्रा में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और धर्म, परंपरा तथा एकता का संदेश दिया। शोभायात्रा प्राचीन मदनमोहन मंदिर से शुरू होकर नगर के प्रमुख मंदिरों तक पहुंची। यात्रा ने बांकेबिहारी मंदिर, अठखंभा, बनखंडी बाजार, लोई बाजार और गोपीनाथ मंदिर की गलियों से होते हुए नगर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को उजागर किया। शोभायात्रा में ब्रज क्षेत्र के प्रमुख देवालयों के आराध्य विग्रहों के पुष्प सज्जित डोले, जिसमें राधा-कृष्ण के स्वरूप, श्री मदनमोहन और अन्य देवताओं की प्रतिमाएं शामिल थीं, श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही थीं। भजन मंडलियों और भजन गायकों ने अपनी मधुर धुनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यात्रा में संतों और आध्यात्मिक विभूतियों की उपस्थिति ने उसे और भी दिव्य बना दिया। शोभायात्रा में जगद्गुरु श्याम शरण देवाचार्य, साध्वी ऋतंभरा, महंत अर्पित दास, गोपाल शरण देवाचार्य, आचार्य मृदुलकांत शास्त्री जैसी प्रमुख आध्यात्मिक हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से यात्रा को और भी विशेष बना दिया। शोभायात्रा के समापन पर प्राचीन गोपीनाथ मंदिर में सभी ने मिलकर पूजा-अर्चना की। पार्षद मुकेश सारस्वत, योगेश द्विवेदी, सौरभ गौड़ए बागेश्वर धाम धाम से रोहित आचार्य, महंत ऋषभ दास, आचार्य बद्रीश, गोपेश बाबा, आनंद वल्लभ गोस्वामी, मोहित मराल गोस्वामी, रमाकांत गोस्वामी, हरिमोहन गोस्वामी, लक्ष्मी गौतम आदि अन्य लोग मौजूद थे।
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Author: Vijay Singhal
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