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रामाश्रम सत्संग मथुरा में बही अद्भुत आध्यात्मिक कुंभ की धारा

ByVijay Singhal

Feb 28, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश के नगर मथुरा के डैम्पीयर नगर में रामाश्रम सत्संग भंडारा तीन दिन तक अनवरत चला | रामाश्रम सत्संग की स्थापना समर्थ गुरु डाक्टर चतुर्भुज सहाय जी ने अपने गुरु परम संत रामचंद्र जी महाराज के नाम पर 1931 में की थी | समर्थ गुरु डॉ चतुर्भुज सहाय जी के पौत्र आलोक कुमार जी वर्तमान गुरु व रामाश्रम सत्संग के संचालक हैं | 24 फरवरी से 26 फरवरी तक चलने वाले तीन दिनों के कार्यक्रम में देश व विदेश से अनेक भक्तों का आना हुआ | भारत के कोने कोने से लोग यहाँ आये हुए थे | गृहस्थ जीवन में रहते हुए कैसे अपना आध्यात्मिक कल्याण किया जाए, इस सत्संग में ध्यान की वो साधना सिखाई जाती है | जिससे लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं |
 भजन ध्यान व प्रवचन के साथ-साथ इस सत्संग में भक्तों की सभी सुविधाओं का ध्यान भी निशुल्क रखा जाता है | श्रद्धालुओं के लिए रहने की व्यवस्था निशुल्क की जाती है साथ ही दोनों समय भोजन की भी व्यवस्था निशुल्क रहती है | श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए उनके लिए निशुल्क चिकित्सा की सुविधा भी रहती है | रामाश्रम सत्संग में जात-पात, अमीर गरीब का कोई भेदभाव नहीं होता | यहाँ सभी लोग एक साथ बैठकर परमात्मा का ध्यान करते हैं | प्रतिवर्ष शिव रात्रि पर होने वाला ये आयोजन हमें बताता है कि शिव ही गुरु है अथार्त गुरु ही शिव है | जहाँ एक ओर लोग सांसारिक दुखों से परेशान है वहीं दूसरी ओर रामाश्रम सत्संग हमें जिंदगी जीने की कला सिखाता है | वहाँ आये कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि यहाँ आकर उन्हें वो शांति मिलती है जो और कहीं नहीं मिलती |
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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