हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन थाना क्षेत्र के राधाकुंड में पूर्व बीएसएफ जवान की हत्या का पुलिस ने राजफाश कर दिया है। श्रद्धालु बनकर घर में घुसे लुटेरों ने हत्या के बाद घर में लूटपाट की थी। पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई स्कूटी और नकदी भी बरामद की है। लुटेरों की जेल में एक दूसरे जान-पहचान हुई थी, इसके बाद ही उन्होंने लूट की योजना बनाई थी। 22 जुलाई की रात को राधाकुंड निवासी पूर्व बीएसएफ जवान विनोद पांडेय (56) की लुटेरों ने हत्या कर दी थी। लुटेरे जेवरात के साथ ही नकदी, बाइक व स्कूटी भी लूट ले गए थे। विनोद पांडेय मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी थे। वह 25 सालों से राधाकुंड में रहकर राधारानी की उपासना करते थे। इसके चलते लोग उन्हें विनोद महाराज के नाम से जानते थे। 23 जुलाई की शाम को विनोद पांडेय के घर पहुंचे साधु ने पुलिस को लूट और हत्या की जानकारी दी थी। इसके बाद से ही थाना गोवर्धन पुलिस, स्वाट टीम और एंटी रिवार्डेड क्रिमिनल टीम घटना की जांच में जुटी थी। रविवार को घटना के खुलासे के संबंध में एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया था कि विनोद पांडेय के घर के पास ही बसी पाल नगर कॉलोनी निवासी राजकिशोर शर्मा ने इस लूट की पटकथा लिखी थी। लूट में राजकिशोर के अलावा मथुरा के हरिओमनगर निवासी रीना, नई दिल्ली के थाना भारत नगर स्थित कबीर नगर राणा प्रताप बाग निवासी ललित कोली उर्फ बाउंसर, फरह के गांव मेघपुर निवासी अजीत उर्फ टैनी और थाना हाईवे के गोपालनगर निवासी चंद्रमोहन उर्फ हरिओम शामिल था। ललित कोली को छोड़कर अन्य चार आरोपियों ने 14 जुलाई को गोवर्धन में एकत्रित होने के बाद अलवर जाकर लूट की योजना बनाई थी। पुलिस ने रविवार को गोवर्धन थाना क्षेत्र में डीग बाईपास रोड से राजकिशोर, रीना और ललित कोली को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूटी गई स्कूटी और 7100 रुपये भी बरामद हुए हैं। पकड़े गए लुटेरों ने पूछताछ में बताया कि उनकी एक-दूसरे से जान-पहचान जेल में हुई थी। राजकिशोर, अजीत और चंद्रमोहन जहां मथुरा जेल में निरुद्ध थे तो वहीं रीना जेल में हत्या के आरोप में निरुद्ध अपने बेटे से मिलाई करने जाती है। यहां ही उनकी एक-दूसरे से जान पहचान हुई। राजकिशोर की जानकारी पर उन्होंने लूट के लिए विनोद पांडेय का घर चुना। अजीत ने ही वारदात को अंजाम देने के लिए ललित कोली को दिल्ली से बुलाया था। तिहाड़ जेल में उसकी मुलाकात ललित कोली से हुई थी, तभी से दोनों एक-दूसरे को जानते थे। ललित, राजकिशोर और अजीत पर पहले भी लूटपाट व अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
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Author: Vijay Singhal
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