हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बाजना में आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी जनपद मथुरा के आखिरी छोर पर बसे ग्राम पंचायत सुल्तानपट्टी के माजरा आजनोठ के शमशान घाट के लिए आज तक अंतिम संस्कार करने के लिए मृतक के शव को खेतों की पगडंडियों से होकर ले जाना पड़ता है शमशान में बड़ी-बड़ी घास और झुंड खड़े हैं शव का अंतिम संस्कार करने के लिए जगह भी नहीं है दूर-दूर तक पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है बैठने के लिए छाया का कोई प्रबंध नहीं है शव को ले जाने के लिए रास्ता नहीं है खेतों की पगडंडियों से होकर गुजरते हैं लोग कई बार खेतों के मालिकों से निकलने को लेकर झगड़ा भी हो चुका है जिसमें कई लोगों के सर फूट चुके हैं मुकदमे तक लिखे गए हैं आजनोठ निवासी रविन्द्र चौधरी का कहना है कि गांव के शमशान की बहुत दुर्दशा है निकालने को रास्ता नहीं है शव का अंतिम संस्कार करने को जगह नहीं है आजादी के 75 साल बीत गए लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने संज्ञान नहीं लिया। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वही ग्राम प्रधान बनवारी लाल ने बताया कि शमसान के लिए नक्शा में कोई रास्ता नही है फिर भी ग्रामीणों के सहयोग से रास्ता बनबाने की कोशिश की जा रही है।
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Author: Vijay Singhal
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