हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन का समय बढ़ाकर 11 घंटे करने का मामला बुधवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय में पहुंच गया। न्यायालय से बढ़ाए गए समय को लागू करने से रोकने की मांग की गई है। अधिवक्ता दीपक शर्मा और गिरधारी लाल ने बुधवार को एक प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने कहा कि ठाकुर बांकेबिहारी वर्षों से दिन में आठ घंटे ही दर्शन देते हैं। लेकिन न्यायालय के आदेश पर उनके दर्शन का समय बढ़ाकर 11 घंटे किया गया है। नई समयसारिणी लागू होने से पहले ही इसे रोक दिया जाए। अधिवक्ता ने कहा है कि ठाकुर जी बाल रूप में मथुरा में थे। इसके बाद वह द्वारका चले गए। शासन और प्रशासन ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए दर्शन का समय बढ़वाया है। 2017 में भी सिटी मजिस्ट्रेट ने एक प्रार्थना पत्र न्यायालय के समक्ष समय बढ़ाने के लिए दिया था। वह खारिज हो गया था। ये तथ्य छिपाते हुए एक प्रार्थना पत्र जिला जज को दिया गया। बिना किसी को इसके लिए सुनवाई का समय दिए, आदेश दे दिया गया है। इसमें भक्तों और गोस्वामी समाज का पक्ष भी सुना जाना था। ठाकुर जी के दर्शन अधिक समय तक खुलने से उनको कष्ट होगा। भक्तों की भावना भी आहत होंगी। वादी पक्ष को सुनने के बाद न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है। अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश प्रवक्ता संजय हरियाणा ने बताया कि न्यायालय अपना निर्णय गुरुवार को सुना सकता है। मंगलवार को मंदिर प्रबंधन ने दर्शन का समय बढ़ाने का आदेश दिया था। अभी तक दर्शन आठ घंटे ही होते थे। लेकिन नई समय सारिणी के तहत शरद ऋतु में सुबह 7.30 बजे से दोपहर एक बजे तक शाम चार बजे से रात साढ़े बजे तक दर्शन की व्यवस्था की गई है। वहीं ग्रीष्म ऋतु में सुबह सात बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक और शाम को पांच बजे से 10.30 बजे तक दर्शन की व्यवस्था की गई है।
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Author: Vijay Singhal
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