हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। तिगरी मेले से लापता हुए दारोगा मथुरा में माला जपते हुए बरामए हुए। उन्होंने गोवर्धन में परिक्रमा भी की। बरामद करने के बाद दारोगा को मेला कोतवाली में आया गया। यहां से उनकी ड्यूटी रद कर वापस घर भेज दिया गया है। इस तरह बिना किसी को बताए मेले से गायब होने की वजह घरेलू परेशानी बताई जा रही है। बता दें कि जनपद एटा के गांव भोजपुर पिलुआ निवासी पंकज कुमार पुलिस विभाग में दारोगा हैं। इन दिनों उनकी तैनाती रामपुर के थाना बिलासपुर में चल रही है। इस बार उनकी ड्यूटी तिगरी मेले में नाव घाट पर लगाई गई थी। उनकी पत्नी दीप्ति भी पुलिस में सिपाही हैं। चार नवंबर यानी बीते शुक्रवार को वह अपने कैंप के टेंट में वर्दी उतारकर व फोन छोड़कर स्नान करने की बात कहकर गए थे लेकिन, इसके बाद वह वापस अपने कैंप में नहीं लौटे। शाम तक नहीं आने पर साथी पुलिस कर्मियों ने उनकी तलाश की मगर, कोई सुराग नहीं लगा। फिर पुलिस अधिकारियों को बताया गया था। स्वजन भी आ गए थे और पत्नी की तहरीर पर गजरौला थाने में गुमशुदगी भी दर्ज हो गई। गंगा में डूबने की आशंका में गोताखोरों ने तलाश भी कराई गई। फिर शनिवार की देररात को पत्नी दीप्ति पर एक फोन आया। यह फोन लापता हुए दारोगा पंकज सिंह का था। उन्होंने पत्नी से कहा कि मैं मथुरा में हूं। बिना किसी को बताए तुम यहां पर आ जाओ। यह बात सिपाही पत्नी ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को दी। अमरोहा से पुलिस की एक टीम रात में ही मथुरा पहुंची और दारोगा को वहां पर बरामद कर लिया गया। बताते हैं कि दारोगा ने वहां पर गोवर्धन की परिक्रमा भी और जिस वक्त पुलिस टीम को वह मिले तो एक शाल ओढ़ रखा था और रुद्राक्ष की माला जप रहे थे। पूछताछ करने पर बताया कि वह सामान कैंप में रखकर नंगे पैर तिगरी गांव से खेत-खेते होते हुए पहले हाईवे पर पहुंचे और फिर मथुरा पहुंच गए। इसकी वजह घरेलू परेशान बताई गई है। बताते हैं कि यही दारोगा पूर्व में भी इस तरह एक बार पहले भी गायब हो गए थे। तब उन्हें कानपुर से बरामद किया गया था। प्रभारी निरीक्षक गजरौला थाना अरिहंत सिद्धार्थ ने बताया कि मेले से लापता हुए दारोगा को मथुरा से बरामद कर लिया गया है। अब उन्हें ड्यूटी से हटाकर वापस घर भेज दिया गया है। इस पूरी घटना की वजह उनकी पारिवारिक परेशानी बताई गई है।
