हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कोसीकलां में भगवान श्रीराम के साथ-साथ माता जनक नंदिनी भी शिरोधार्य हैं। जानकी नवमी की पूर्व संध्या पर सीताराम मंदिर में मां सीता के जन्मोत्सव पर विविध अनुष्ठान आयोजित हुए। 56 भोग अर्पित किए तो बधाई गान की गूंज रही। दोपहर 12 बजते ही मंदिरों में घंटा-घड़ियाल बजने लगे। भई प्रगट कुमारी, भूमि-विदारी, जनहित कारी भयहारी। अतुलित छवि भारी मुनि-मनहारी जनक दुलारी सुकुमारी… की स्तुति से मंदिर गुंजायमान हो उठा। राजमार्ग के किनारे स्थित सीताराम मंदिर में माता जानकी जन्मोत्सव मनाया गया। इस मौके पर मंदिर में विभिन्न आयोजन किए गए। महिलाओं ने नृत्य किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जानकी यानी सीता नवमी के जन्म माता सीता धरती पर प्रकट हुई थीं। इसलिए इस दिन को सीता नवमी के रूप में मनाया जाता है। सीताजी राजा जनक की पुत्री थीं इसलिए उनका एक नाम जानकी भी है सीता नवमी को जानकी जयंती के रूप में भी जाना जाता है। मंदिर में सुबह अभिषेक कर बधाई गायन का आयोजन किया गया। दोपहर में प्रसाद वितरित हुआ। माता जानकी को व्यंजनों का भोग लगाया गया। दोपहर में 12:00 बजे जन्म आरती की गई। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, प्रतिनिधि नरदेव चौधरी, डॉ. प्रकाश अग्रवाल, विजय शर्मा, अखिल जैन, विकास जैन, अजय गोयंका, गोपाल शर्मा, होती चौधरी, उधम सिंह फौजदार, राजवीर सिंह आदि मौजूद थे।
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Author: Vijay Singhal
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