हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। श्री कृष्ण जन्मस्थान शाही ईदगाह मामले में विवादित स्थल पर सर्वे या वाद के पोषणीय ( चलने न चलने योग्य) पर मथुरा की अदालत में सुनवाई हुई। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दाखिल वाद पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना। अदालत ने सुनवाई के वाद अगली तारीख 16 फरवरी दी। संभावना है कि कोर्ट 16 फरवरी को यह फैसला सुना सकती है। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने जिला जज की अदालत में रिवीजन दाखिल किया था। महेंद्र प्रताप सिंह ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत के 7 रूल 11 के तहत दावे की पोषणीय पर पहले सुनवाई के आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत में रिवीजन दायर किया था। जिला जज ने रिवीजन दावे को एडीजे 6th की अदालत में ट्रांसफर कर दिया था। अदालत में दायर किए गए वाद में वादी अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने शाही ईदगाह का सर्वे करने की मांग प्राथमिकता से रखी थी। वहीं प्रतिवादी पक्ष शाही ईदगाह कमेटी और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड 7 रूल 11 के तहत दावे की पोषणीय पर पहले सुनवाई की मांग कर रहा था। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा एडीजे 6th की अदालत में दाखिल किए गए वाद पर सुनवाई 3 तारीखों में हुई। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में रिवीजन वाद पर 5 घंटे तक बहस हुई । इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए ऑर्डर रिजर्व कर लिया और अगली तारीख 16 फरवरी दे दी। रिवीजन वाद पर सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट 16 फरवरी को फैसला सुना सकती है। कोर्ट यह फैसला सुना सकती कि सर्वे पर पहले सुनवाई हो या फिर केस 7 रूल 11 के तहत सुनने योग्य है या नहीं। वादी अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शाही ईदगाह का सर्वे होना जरूरी है। यहां ज्ञान व्यापी की तरह हिंदू स्थापित कला के सबूत मिलेंगे। खुदाई के दौरान बहुत साक्ष्य सामने आएंगे। महेंद्र प्रताप सिंह का दावा है कि यह भूमि उनके आराध्य भगवान श्री कृष्ण के जन्म स्थल का गर्भ गृह है। सबूत सामने न आएं इसके लिए मुस्लिम पक्ष 7 रूल 11 के तहत केस को लटकाना चाहता है।
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Author: Vijay Singhal
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