हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। पोर्टल पर निलंबित एक शिक्षक को बिना बहाली के ही पूरा वेतन जारी कर दिया गया। निलंबित शिक्षक के प्रपत्र पर खंड शिक्षा अधिकारी ने कोई संशोधन नहीं किया है। यही वजह है कि शासन की नियमावली के विपरीत यह कारनामा वित्त एवं लेखा विभाग की ओर से किया गया है। गोवर्धन ब्लाॅक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सकरवा में 12 सितंबर को खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह तंवर निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां सहायक अध्यापक पुनेंद्र बाबू से उनका विवाद हो गया। इसके बाद तत्कालीन बीएसए रविंद्र कुमार ने उन्हें निलंबित कर दिया। इस मामले के कुछ दिन बाद 18 सितंबर को सहायक अध्यापक की बहाली यह दर्शाते हुए कर दी गई कि दोनों में आपसी समझौता करा दिया गया है। जबकि यह बहाली नियमानुसार नहीं की गई थी। वहीं पोर्टल पर अभी तक सहायक अध्यापक निलंबित हैं। इधर नियमावली के विपरीत वित्त एवं लेखाधिकारी के द्वारा निलंबित शिक्षक को पूरा वेतन जारी कर दिया गया। अब विभाग के इस कारनामे की चर्चा पूरे शिक्षा जगत में बनी हुई है। किसी भी शिक्षक या शिक्षणेत्तर कर्मचारी का निलंबन मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से होता है। उसकी बहाली भी उसी पोर्टल पर होती है। निलंबित कर्मचारी को 50 या 75 फीसदी धनराशि का भुगतान किए जाने का प्रावधान है। वहीं बहाली सहवेतन या दंड के साथ की जाती है। मगर इस मामले में शासन के नियम भी हवा हो गए। रतन कीर्ति, बीएसए ने कहा, शिक्षक निलंबित हैं और उनका पूरा वेतन जारी किया गया है, यह मामला संज्ञान में आया है। इस बारे में उच्चधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। यह मामला मेरी ज्वाइनिंग से पहले का है।
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Author: Vijay Singhal
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