कान्हा की नगरी में देखने को मिली राहत
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में पिछले ढाई साल से भक्तों की भीड़ में लगातार बढ़ोत्तरी ने शासन और प्रशासन की मुश्किलें बढ़ाकर रख दी थीं। ढाई साल तक प्रशासन भीड़ नियंत्रण के अनेक उपाय करता और हर योजना धराशायी हो जाती थी। लेकिन, अयोध्या में प्रभु श्रीराम विराजे तो कान्हा की नगरी को भीड़ से राहत भी मिली। लेकिन, श्रद्धालुओं की भीड़ पर चलने वाला तीर्थनगरी का आर्थिक पहिया भी धीमा हो गया।रविवार का दिन होने के बाद भी ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली। सुबह से लेकर शाम तक भक्तों की भीड़ में गिरावट ऐसी कि जिन स्थानों पर सामान्य भीड़ के दौरान भी आपाधापी का माहौल बना रहता था, वहां श्रद्धालु बड़े ही आराम के साथ मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। मंदिर प्रांगण भी करीब आधा खाली रहा। जिससे जो भी श्रद्धालु दर्शन को आ रहे थे, बड़े ही इत्मीनान के साथ आराध्य के दर्शन कर रहे थे। लंबे समय बाद मंदिर के सुरक्षागार्डों और पुलिसकर्मियों को भी राहत महसूस हो रही थी। श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने से गेस्टहाउस, होटल से लेकर खानपान की दुकानों, रेस्टोरेंट और मुकुट-शृंगार, पोशाक, कंठीमाला व भारतीय परिधानों के शोरूम भी खाली ही नजर आ रहे हैं। भीड़ कम होने का सीधा खामियाजा शहर की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है।
