हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा के प्राचीन पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग को संवारा जाएगा। करीब 15 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग का विकास उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद कराएगा। आचार संहिता खत्म होने के बाद इसका काम आगे बढ़ेगा। कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों ने गोपेश्वर चतुर्वेदी आदि स्थानीय गणमान्य लोगों के साथ मथुरा की परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया था। इस दौरान देखा गया कि किन-किन बिंदुओं पर किन किन कार्यों की आवश्यकता है। कहीं परिक्रमा मार्ग पर अतिक्रमण था, जहां से निकलना सुगम नहीं था। कई स्थानों पर सड़क टूटी फूटी थी, जिनसे निकले कंकड़ परिक्रमार्थियों के पैरों में चुभ रहे थे। इन्हीं कार्यों का 20 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है। फिलहाल आचार संहिता के कारण इस पर काम शुरु नहीं कराया जा सका है। आचार संहिता समाप्त होने के तुरंत बाद मथुरा परिक्रमा पर काम शुरु कराया जाएगा। मथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा विश्राम घाट से शुरु होकर बंगाली घाट पुलिस चौकी होते हुए सूर्यघाट, सप्तऋषि मंदिर, बलि टीला होते हुए अंबाखार नाला के बगल से होकर रंगेश्वर मंदिर पहुंचते हैं। यहां दर्शन कर पुराने लक्ष्मी टॉकीज के बराबर से सीढ़ी चढ़कर क्वालिटी तिराहा, डैम्पियर नगर, राजकीय संग्रहालय से शिवताल पहुंचते हैं। शिवताल से रेलवे अंडरपास से होकर बीएसए काॅलेज के सामने से होकर कंकाली मंदिर और वहां से बलभद्र कुंड होते हुए सड़क पार कर भूतेश्वर मंदिर, पोतरा कुंड, केशवदेव मंदिर पहुंचते हैं। यहां से महाविद्या देवी मंदिर से सरस्वती कुंड, रोड क्रॉस कर चामुंडा देवी मंदिर पहुंचते हैं। इसके बाद सड़क पार कर गायत्री तपोभूमि के सामने से होकर गोकर्णनाथ मंदिर पहुंचते हैं। वहां से निकलकर कंस किला पर चढ़ते हैं, वहां से उतरकर स्वामी घाट से होते हुए यमुना किनारे होते हुए विश्राम घाट पर आकर परिक्रमा समाप्त होती है। परिक्रमार्थियों की सुरक्षा के लिए भूतेश्वर अंडरपास का निर्माण पांच करोड़ की लागत से कराया जाएगा। रेलवे अंडरपास का निर्माण करेगा। इस परियोजना के दृष्टिगत रेलवे और नगर निगम के बीच सहमति बन गई है। भूतेश्वर से पहले शुरु होकर यह अंडरपास पोतरा कुंड पर निकलेगा। इसका काम पांच छह माह में शुरु होगा।
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Author: Vijay Singhal
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