हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृन्दावन में ठाकुर श्रीराधावल्लभ मन्दिर में श्रीहित हरिवंश प्रचार मण्डल ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रहा वर्तमान तिलकायत अधिकारी गोस्वामी श्रीहित मोहित मराल महाराज का द्विदिवसीय जन्म महोत्सव विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सम्पन्न हुआ।सर्वप्रथम ध्वजारोहण किया गया।तत्पश्चात् गोस्वामी श्रीहित मोहित मराल महाराज का उनके शिष्यों द्वारा पूजन-अर्चन किया गया।साथ ही उपहार भेंट किए गए।
तदोपरांत भजन सम्राट बाबा रसिका पागल महाराज के प्रमुख शिष्य बाबा हाऊ-बिलाऊ महाराज ने संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य ठाकुर श्रीराधा-कृष्ण की महिमा से ओतप्रोत भजनों का गायन किया।जिस पर हित परिकर के सभी भक्तों-श्रृद्धालुओं में जी भर कर नृत्य किया।सायं को मंगल बधाई समाज गायन का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
महोत्सव के दूसरे दिन प्रख्यात भजन गायक ब्रज रसिक जेएसआर मधुकर ने अपनी सुमधुर वाणी में भजनों की प्रस्तुति देकर सभी को भाव-विभोर कर दिया।उन्होंने शशि सखी और भावना सखी के साथ राग सेवा की।जिसमें उनके द्वारा गाया गया “जय जय राधावल्लभ लाल, मन रखियो अपने चरण न में” को सबसे ज्यादा पसंद किया गया।
तत्पश्चात राधावल्लभीय समाज गायक राकेश दुबे की मुखियाई में समाज के पदों का गायन का किया गया।सायं को बब्बू भैया द्वारा श्रीहित रस गान का आयोजन सम्पन्न हुआ।साथ ही भरत नाट्यम और ओडिसी नृत्य की कई मनमोहक व चित्ताकर्षक प्रस्तुतियां दी गई।इसके अलावा ठाकुरजी को पंच मेवायुक्त खिचड़ी का भोग भी लगाया गया और 56 भोग निवेदित किए गए।
इस अवसर पर ब्रज साहित्य सेवा मंडल के अध्यक्ष डॉ.
गोपाल चतुर्वेदी ने तिलकायत गोस्वामी श्रीहित मोहित मराल महाराज को बधाई देते हुए कहा कि मोहितजी राधावल्लभ संप्रदाय के गौरव हैं।वे अत्यंत बडभागी हैं, जो उन्होंने गणेशजी के प्राकट्य दिवस गणेश चतुर्थी के दिन जन्म लिया है।उनके निर्देशन में श्रीराधावल्लभीय संतो की स्मृति रक्षा हेतु अनेक ठोस कार्य किए जा रहे हैं।साथ ही समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनके अनेकों कीर्तिमान हैं।
उनके द्वारा हित धर्म का प्रचार-प्रसार कर लोक कल्याण का बहुत बड़ा कार्य किया जा रहा है।क्योंकि आज प्रेम और विश्व बंधुत्व के लिए हित धर्म की अत्यधिक आवश्यकता है।
महोत्सव में प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज, अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अखाड़ा (बड़ा रासमंडल) के अध्यक्ष श्रीमहंत लाड़िली शरण महाराज, गोस्वामी श्रीहित राधेश लाल गोस्वामी, युवराज शोभित लाल गोस्वामी, आचार्य गोविन्द गोस्वामी महाराज, आचार्य विष्णु मोहन नागार्च, आचार्य ललित वल्लभ गोस्वामी, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, प्रमुख शिक्षाविद डॉ. चंद्रप्रकाश शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त कर गोस्वामी श्रीहित मोहित मराल महाराज को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
आयोजन में देश-विदेश के असंख्य भक्तों श्रृद्धालुओं ने भाग लिया।समूचा मंदिर प्रांगण श्रीराधा रानी और श्रीराधा वल्लभ लाल के नाम से गूंज रहा था।
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