हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सर्दी बढ़ते ही ठाकुर राधावल्लभ लाल सुबह और शाम मखमली जयपुरी रजाई और मोजा धारण करने लगे हैं। प्रसाद में भी मेवा सेवित की जाने लगी है। सर्दी और बढ़ते ही 15 दिन बाद ठाकुरजी के लिए चांदी की अंगीठी की सेवा शुरू हो जाएगी। आराध्य राधावल्लभ लाल को ओढ़ाई जाने वाली मखमली जयपुरी रजाई में सैमल की रुई भरी होती है। इस रजाई को भक्त जयपुर से तैयार करवाकर लाए हैं। ऊन के मोजे हस्तकमल और चरणोंं में धारण कराए जा रहे हैं। ठंड से बचाव के लिए यह सेवा अब रोज की जाएगी। इसके अलावा हिना के इत्र की मालिश ठाकुरजी के शयन से पहले की जा रही है। कनौज से आए भक्तों ने सेवाधिकारी आचार्य मोहित मराल को इत्र उपलब्ध कराया है। सर्दी आने के साथ ही ठाकुरजी के भोग में भी बदलाव किया है। दूध, हलुआ, खीर, लड्डू और मेवा सेवित की जाने लगी है।
ठा. राधावल्लभ मंदिर के सेवाधिकारी मोहित मराल गोस्वामी ने बताया कि ठंड आने के साथ ही ठाकुर राधावल्लभ लाल की सेवा में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। पहनावे, भोग और इत्र सेवा में बदलाव किया है। अभी मखमली जयपुरी रजाई और ऊनी मोजा धारण कराए जा रहे हैं। ठाकुरजी के शयन से हिना के इत्र से मालिश की जा रही है। 15 दिन बाद व्यंजन द्वादशी से चांदी की अंगीठी सेवा में लाई जाएगी, जिसकी तैयारियां की जा रही है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
