हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर वृंदावन नगरी में भक्ति, उल्लास और श्रद्धा की त्रिवेणी देखने को मिली। श्रद्धालुओं के चेहरे के भाव देखकर लग रहा था कि मानो वह आस्था के संगम में डुबकी लगा रहे हैं। रात 12 बजे पर्दे की ओट में जब ठाकुर जी का दूध, दही, घी, शहद, शक़्कर, यमुनाजल, केबड़ा – गुलाबजल, इत्र, नवरत्न एवं औषधियों से दिव्याभिषेक हुआ तो पूरा मंदिर जय हो नंदलाल, जय हो कन्हैयालाल, नंद के आंनद भयो, जय कन्हैयालाल की, जैसे गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। वहीं साल में एक बार रात 1.55 बजे होने वाली मंगलाआरती के साक्षी बनने को लोग बेताब रहे। हर बार की तरह इस बार भी जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत भाद्रपद कृष्ण सप्तमी को अनंत श्री विष्णुस्वामी जयंती और श्रीरूपानंद महाराज के 318वें जन्मोत्सव के साथ हुई। इस अवसर पर श्री बांकेबिहारी मंदिर और श्रीहरिदास पीठ में विशेष पूजन, आरती और भोग अर्पण किया गया। जन्माष्टमी की रात्रि में ठीक 12 बजे ठाकुरजी का दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, यमुनाजल और औषधीय द्रव्यों से विशेष अभिषेक किया गया। इसके बाद प्रभु को पाग, पंजीरी, मेवा, फल व दूध से बने मिष्ठान्नों का भोग अर्पित किया गया। रात्रि लगभग 1:55 से 2 बजे के बीच साल में केवल एक बार होने वाली विशेष मंगला आरती की तैयारियां शुरू हो गईं। वर्ष 2023 में मंगला आरती के दौरान हुए हादसे के बाद प्रशासन ने इस बार मंदिर में मंगला आरती के लिए 600 लोगों को अनुमति दी है। इसके लिए भी पास की व्यवस्था की। जिन पर पास नहीं थे, वह मंदिर में नहीं जा पाए। नवमी को नंदोत्सव के अवसर पर दधिकांधौ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मंदिर परिसर में रुपया, कपड़े, खिलौने, मेवा, फल, मिठाई आदि लुटाए जाएंगे। सेवायत केसर मिश्रित दही लुटाते हैं। जिसे लाला की छीछी कहा जाता है। इसे लेने के लिए मंदिर में लूटमार मचती है। श्रद्धालु इन वस्तुओं को बड़े उत्साह के साथ लूटते हैं। इस दिन भगवान को छप्पन भोग और छत्तीस व्यंजनों सहित अनेक प्रकार के दिव्य भोग अर्पित किए जाएंगे। राजभोग आरती के उपरांत सभी भक्तों को प्रसाद और उपहार वितरित किए जाएंगे।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
