हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में अखिल भारतीय स्वामी हरिदास संगीत सम्मेलन एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में ठाकुर राधास्नेह बिहारी मंदिर में आयोजित अखिल भारतीय स्वामी हरिदास संगीत सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शास्त्रीय संगीत के ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने सुर, लय और ताल की ऐसी त्रिवेणी बहाई कि श्रोता भाव-विभोर हो उठे। समारोह का शुभारंभ राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने स्वामी हरिदास जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उन्होंने कहा कि स्वामी हरिदास की साधना के माध्यम से ठाकुर बांकेबिहारी का प्राकट्य हुआ। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित प्रभाकर नारायण के ध्रुपद गायन से हुई। इसके पश्चात प्रसिद्ध सरोद वादक पंडित मुकेश शर्मा ने राग की ऐसी बारीक तान छेड़ी कि वातावरण सुरमय हो उठा। इस दौरान विशेष आकर्षण रही पद्मश्री नलिनी-कमलिनी की कथक नृत्य प्रस्तुति। उन्होंने ठाकुर जी की बाल लीलाओं और राधा-कृष्ण की होली लीला को नृत्य के माध्यम से सजीव कर दिया। संस्था के अध्यक्ष करन कृष्ण गोस्वामी ने बताया कि स्वामी हरिदास जी के जीवन और संगीत को समर्पित यह सम्मेलन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। समारोह में उपाध्यक्ष बिहारी लाल वशिष्ठ, संयोजक आचार्य रामविलास चतुर्वेदी, बलराम आचार्य, हरि कृष्ण शर्मा, कृष्णमुरारी शर्मा, नकुल शर्मा, प्रदीप गोस्वामी, अरविंद गोस्वामी, बालकृष्ण शर्मा बालो, अनिल शास्त्री, रामबाबू शर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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