हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से मंडलायुक्त नागेन्द्र प्रताप और पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) शैलेश कुमार पाण्डेय ने मांट टोल प्लाजा पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान एक्सप्रेसवे पर हो रहे हादसों के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि आगरा–नोएडा यमुना एक्सप्रेसवे पर चलने वाले भारी वाहनों के परमिट की सख्ती से जांच की जाए। बिना वैध परमिट वाले वाहनों को एक्सप्रेसवे पर प्रवेश की अनुमति न दी जाए। उन्होंने टोल प्लाजा पर स्कैनर और परमिट जांच से संबंधित आधुनिक सॉफ्टवेयर लगाने के निर्देश दिए, ताकि बिना परमिट वाहन गुजरने पर तत्काल अलर्ट मिल सके। इसके साथ ही एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर दिशा-निर्देशों और हेल्पलाइन नंबर वाले बड़े साइनेज बोर्ड लगाने को भी कहा गया। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि फूड हब के पास भारी वाहनों के खड़े होने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। इस पर मंडलायुक्त ने एक्सप्रेसवे किनारे बस और ट्रक ले-बाय विकसित करने तथा उन्हें पीपीपी मॉडल पर संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कैटल कैचर वाहनों की नियमित तैनाती, टूटी फेंसिंग की मरम्मत और पूरे एक्सप्रेसवे को सीसीटीवी कैमरों से कवर करने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस उप महानिरीक्षक ने ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी इमरजेंसी एग्जिट प्वाइंट सक्रिय रखे जाएं और मानकों के विपरीत चल रही डबल डेकर एवं स्लीपर बसों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कड़ी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी अवैध कट तत्काल बंद करने, फेंसिंग को दुरुस्त करने, प्रकाश व्यवस्था बढ़ाने और पीआरवी वाहनों की गश्त तेज करने के निर्देश दिए, ताकि यमुना एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
