हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में कोचिंग सेंटर की छात्रा को नशीले पदार्थ का सेवन कराकर उसके अश्लील वीडियो बना दुष्कर्म करने के मामले की जांच राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी शुरू कर दी है। आयोग की सदस्य अनीता अग्रवाल सोमवार को कोचिंग सेंटर पहुंचीं। यहां निरीक्षण के साथ उन्होंने पीड़ित छात्रा से मुलाकात कर बयान दर्ज किए। इसके बाद चैतन्य बिहार स्थित महिला आश्रय सदन पहुंचीं। आयोग की सदस्य ने पत्रकारों को बताया कि जिस तरह घर में कोचिंग सेंटर चलाया जा रहा है, वह पूरी तरह गलत है। जांच में कुछ तथ्य मिले हैं, कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से पूछताछ में कोचिंग में नशे के लिए कुछ वस्तु मंगवाए जाने की जानकारी मिली है। जिसे वह अपनी रिपोर्ट में दर्ज करेंगी। शाम को अनीता ने पीड़ित छात्राओं से मिलकर उनके बयान दर्ज किए और मामले में जांच अधिकारी से अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। इस दौरान न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश दीक्षित, डीपीआरओ अनुराग श्याम रस्तोगी मौजूद रहे। विदित है कि कोचिंग सेंटर में छात्रा द्वारा कोचिंग संचालक व एक छात्र पर नशा करवा कर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर यौन शोषण के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस ने कोचिंग संचालक के साथ आरोपी छात्र को जेल भेज दिया है। कोचिंग संचालक के समर्थन में छात्र-छात्राओं के साथ अभिभावक भी महिला आश्रय सदन पहुंचे। यहां आयोग की सदस्य अनीता अग्रवाल के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि कोचिंग में नववर्ष जैसे मौकों पर पार्टियां हुई हैं, लेकिन इसमें किसी तरह के नशे का उपयोग नहीं हुआ है। पीड़िता द्वारा उनके नाबालिग बच्चों के खिलाफ आईटी और मानहानि जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बच्चे नाबालिग हैं उन्हें मुकदमे में फंसाना गलत है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य अनीता अग्रवाल और न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
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Author: Vijay Singhal
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