हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के केशवधाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का रविवार को हवन और भंडारे के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन कथा में श्रीकृष्ण के अनेक विवाह का वर्णन किया गया। प्रद्युम्न के जन्म और अनिरुद्ध-ऊषा के विवाह की कथा भी सुनाई गई। केशव धाम प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित कथा में भागवताचार्य कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुरजी ने श्रीकृष्ण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि सुदामा दरिद्र नहीं बल्कि आत्मसंतुष्ट और जितेंद्रिय ब्राह्मण थे। सुदामा पेट के लिए नहीं आत्मा और परमात्मा के लिए जीवन जीते थे। जितेंद्रिय व्यक्ति ही परम ऐश्वर्यवान होता है। इस मौके पर व्यास पीठ और विप्र देवों का पूजन किया गया। भागवत की आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर डॉ.र सत्यानंद सरस्वती, विहिप के संरक्षक दिनेश कुमार, जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल, रामकिशन अग्रवाल, प्रभास्कर राय, सुधा राय, अगम गौतम, ललित कुमार, सतीश अग्रवाल, अमित जैन आदि मौजूद रहे।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
