हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ब्रज में यूं तो कई मंदिर हैं, लेकिन कोसीकलां के समीप गांव सांचौली में मां चंद्रावलि देवी का मंदिर अपने आप में अनूठा है। यहां जन जन के आराध्य भगवान श्रीकृष्ण देवी स्वरूप में विराजमान हैं। योगीराज ने सांचौली में शक्ति की अवतार चंद्रावलि देवी के रूप में अपने को अवतरित किया था। जहां देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आ रहे हैं। यहां 5 अप्रैल को मुख्य मेला लगेगा। मेला में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण श्रद्धालुओं की अगवानी करेंगे। इस मंदिर को हजारों वर्ष पुराना बताते हैं। 37 वर्ष पूर्व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण के पिता स्व. चौधरी स्तीराम की प्रेरणा से मुंबई के उद्योगपतियों ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण बरसाना के जंगलों में गायों को चराने आते थे। कोसीकलां से आठ किलोमीटर दूर सांचौली के सघन जंगलों में कृष्ण रास रचाकर गोपियों से मिलते थे। जाव के राजा घोष की पुत्री इसी स्थान पर श्रीकृष्ण से मिलने आती थीं। पता चलने पर राजा ने पुत्री पर प्रतिबंध लगा दिया लेकिन वह पूजा का बहाना लेकर श्रीकृष्ण से मिलने निकल आईं। सखियों से समाचार मिलने पर योगीराज वनों में पहुंच गए। उन्होंने कृष्ण के पास पहुंचते ही बता दिया कि वह देवी पूजा के बहाने आई हैं। उनकी घबराहट देखकर श्रीकृष्ण ने मां चंद्रावलि का रूप धारण कर लिया। राजा घोष की पुत्री ने कृष्ण की मां चंद्रावलि देवी के रूप में पूजा की। मां का प्राकट्य चैत्र मास की नवरात्र में सप्तमी को हुआ था, इसलिए गांव में 5 अप्रैल को मुख्य मेला होगा।
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