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संत समाज की शोभा थे श्रीछविराम दास महाराज : स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज

ByVijay Singhal

Aug 3, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृन्दावन में ज्ञान गुदड़ी क्षेत्र स्थित जानकी भवन आश्रम में चल रहे अनंतश्री विभूषित श्रीछविराम दास रामायणी महाराज के 19 वें वार्षिक त्रिदिवसीय पुण्य स्मृति महोत्सव के अंतर्गत वृहद संत-विद्वत सम्मेलन का आयोजन संपन्न हुआ।जिसमें अपने विचार व्यक्त करते हुए जानकी भवन आश्रम के अध्यक्ष महंत श्रीरामदास महाराज ने कहा कि हमारे सदगुरूदेव श्रीछविराम दास रामायणी महाराज अनेकानेक सद्गुणों की खान थे।हम लोग यदि उनके किसी एक गुण को भी अपने जीवन की धारण कर लें,तो निश्चित ही हमारा कल्याण हो जायेगा।
श्रीनाभा पीठाधीश्वर जगद्गुरू स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज एवं चतु:संप्रदाय के श्रीमहंत बाबा फूलडोल बिहारीदास महाराज ने कहा कि साकेतवासी श्रीछविराम दास रामायणी महाराज संत समाज की शोभा थे।गौसेवा, संत सेवा एवं विप्र सेवा उनके जीवन का अभिन्न अंग थी।
जगदगुरू श्रीमन्माध्वगौडेश्वराचार्य स्वामी राधावल्लभ दास देवाचार्य महाराज एवं जगदगुरू पीपाद्वाराचार्य बाबा बलराम दास देवाचार्य महाराज ने कहा कि संत शिरोमणि श्रीछविराम दास रामायणी महाराज श्रीधाम वृन्दावन के प्राचीन स्वरूप के परिचायक थे। उन्होंने यहां रहकर श्रीराम कथा के माध्यम से असंख्य व्यक्तियों को प्रभु भक्ति के मार्ग से जोड़कर उनका कल्याण किया है। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं डॉ. रमेश चंद्राचार्य विधिशास्त्री ने कहा कि श्रीछविराम दास रामायणी महाराज श्रीराम कथा के प्रकांड विद्वान थे।उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीला भूमि श्रीधाम वृन्दावन में अयोध्या और चित्रकूट धाम का समावेश कर दिया था। महोत्सव में श्रीउमाशक्ति पीठाधीश्वर स्वामी रामदेवानन्द सरस्वती महाराज, जगदगुरू स्वामी अनंताचार्य महाराज, महंत श्रीसीताराम शरण महाराज, महंत श्री हरिचरण महाराज, महंत राम कल्याण दास महाराज, हरिदासी संत बिहारीदास महाराज, महंत लाड़िली दास महाराज, महन्त रामकृपालु दास भक्तमाली, सन्त राम संजीवन दास शास्त्री, सीताराम दास, शैलेन्द्र शास्त्री, नारायण दास महाराज, जयराम दास महाराज, जितेंद्र शास्त्री आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन पण्डित वनबिहारी पाठक ने किया।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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