हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के घोटालेबाजों पर अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। डे़ढ़ वर्ष बाद भी जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है। करोड़ों रुपये के इस घोटाले का मामला फिर सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा है। विहिप नेता ने सीएम से शिकायत की। खास बात ये है कि किसानों से वसूली के लिए अभी तक कोई पहल नहीं की गई है। जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जमकर गोलमाल किया गया है। बीमा का काम एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी इंडिया लिमिटेड को दिया गया था। कंपनी के कर्मचारी, राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने फर्जी किसानों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की बीमा राशि हड़प ली। जिन किसानों के पास खेत थे, उनके खेतों का फर्जी तरीके से किरायानामा दिखाया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पोर्टल पर क्लेम के लिए आवेदन हुआ, इसके बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने फसल में फर्जी तरीके से नुकसान दिखाया और रिपोर्ट बनाई। बीमा कंपनी ने क्लेम दे दिया। यही नहीं एक ही खेत पर कई-कई बार क्लेम लिया गया।
बीते वर्ष सितंबर में मीडिया ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया। करीब दो सौ करोड़ रुपये से अधिक की क्लेम का फर्जीवाड़ा करने की आशंका है। मामले का पर्दाफाश होने के बाद तत्कालीन डीएम नवनीत सिंह चहल ने जांच बैठाई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। बीते वर्ष नवंबर में जिले में आए सीएम योगी आदित्यनाथ को विहिप नेता और किसान हरिहर शर्मा ने मामले की जानकारी दी। सीएम के आदेश पर जांच हुई, तो पता चला कि पूरे प्रदेश में ये फर्जीवाड़ा किया गया था। अब तक 311 किसानों को कृषि विभाग चिन्हित भी कर चुका है। लेकिन उनसे क्लेम की धनराशि वसूली की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दरअसल, कृषि विभाग का कहना है कि किस किसान को कितना क्लेम दिया गया है, इसकी जानकारी बीमा कंपनी को ही देनी है। पूर्व में कई बार पत्र लिखकर बीमा कंपनी से ब्यौरा मांगा गया, लेकिन उसने ब्यौरा अब तक नहीं दिया है। बीमा कंपनी का कहना है कि वह अपने स्तर से वसूली की कार्रवाई करेगी। यही कारण है कि अब तक वसूली नहीं हो पाई है। विहिप नेता हरिहर शर्मा ने तीन दिन पहले सीएम योगी आदित्यनाथ तक फिर अपनी शिकायत पहुंचाई। उन्होंने सोमवार को डीएम शैलेंद्र सिंह से मुलाकात की और मामले में कार्रवाई की मांग की।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
