हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। आरसीए गर्ल्स पीजी कालेज में सजल सर्जना समिति के सप्तम वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न भागों से आए 150 से अधिक साहित्यकारों, सजलकारों ने भाग लिया। इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के सेवानिवृत आचार्य प्रो. हरिशंकर मिश्र ने कहा कि सजलकार सामाजिक चुनौतियों के प्रति सजग हैं तथा मानवीय मूल्यों के विस्तारण हेतु काम कर रहे हैं। विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा के आचार्य प्रो. राजेश गर्ग ने कहा कि हर विषय पर सजलकार आज सफलतापूर्वक हस्तक्षेप कर रहा है तथा सजल के केंद्र में मानवीय संवेदनाओं का बोध है। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट बृजबिहारी सिंह ने सजल विधा से तन-मन-धन से जुड़ने तथा अन्य लोगों को जोड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि पूरे देश में साहित्य की सजल विधा का प्रचार- प्रसार आवश्यक है।
समिति की ओर से सर्वश्रेष्ठ सजलकार के रूप में फिरोजाबाद के डॉ. राम सनेही लाल शर्मा यायावर को सजल ऋषि तथा संतोष कुमार सिंह एवं अमर अद्वितीय को शिखर सम्मान से विभूषित किया गया। समारोह में आराधना सिंह आगरा, डॉ. प्रेमवती उपाध्याय मुरादाबाद, प्रकाश सिंह नोएडा, न्यायिक मजिस्ट्रेट बृजबिहारी सिंह, अशोक खुराना बदायूं, इंजी. शेर सिंह मथुरा, प्रोफेसर वीपी सिंह बरेली, श्री कृष्ण निर्मल सिंह दिल्ली, डॉ. उषा पाठक हाथरस तथा डा. शशि जोशी शशि को भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में छह समूहों में सजल विधा की 82 कृतियों के लोकार्पण के अतिरिक्त डॉ. किरन जैन अंबाला, डॉ. डीपी साहू रायगढ, डॉ. चिरौंजी लाल यादव मैनपुरी व आरसीए कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र मित्तल को सजल रथी सम्मान से विभूषित किया गया। कार्यक्रम में पर डॉ. नीतू गोस्वामी, एड. हारवेन्द्र गौर, संतोष सजल, वृषभान गोस्वामी, मूलचन्द निर्मल का सहयोग रहा।
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