हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान ने इतिहास रचा है। केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने बकरी में फ्रोजन वीर्य का उपयोग करके लैप्रोस्कोप तकनीक से कृत्रिम गर्भाधान कर मेमने को जन्म देने में सफलता प्राप्त की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये पहला सफल प्रयास है। लैप्रोस्कोप से बकरी में गर्भाधान से जन्मे इस नर मेमने का नाम अजायश रखा गया है। संस्थान निदेशक डॉ मनीष कुमार चेटली के मुताबिक जन्म लेने वाला मेमना और उसकी मां पूरी तरह से स्वस्थ हैं। परियोजना प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. योगेश कुमार सोनी ने बताया कि दूरबीन तकनीक द्वारा कृत्रिम गर्भाधान भेड़ एवं बकरियों में प्रयोग होने वाली एक नई पद्धति है। इससे उच्च कोटि के नर बकरों के वीर्य का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा सकता है। जिससे बकरी पालन और भी समृद्ध होगा। संस्थान के निदेशक डॉ मनीष कुमार चेटली ने वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि की सराहना की एवं इस शोध टीम में शामिल वैज्ञानिकों डॉ एस.डी. खर्चे, प्रधान वैज्ञानिक डॉ योगेश कुमार सोनी, डॉ एस.पी. सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ रवि रंजन वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं डॉ आर पुरूषोत्मन, प्रधान वैज्ञानिक को विशेष उपलब्धि पर बधाई दी ।
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Author: Vijay Singhal
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