हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में सांसद प्रज्ञा ठाकुर और धर्माचार्य की पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद मंगलवार की शाम यमुना तट पर संतों की बैठक हुई। इस बैठक में संतों ने प्रज्ञा ठाकुर और उनके लोगों के द्वारा किए गए हमले की निंदा की। संतों ने पुलिस प्रशासन से इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। इधर, पुलिस ने सांसद प्रज्ञा ठाकुर के पीएसओ, चालक और अन्य दो लोगों को छोड़ दिया। इस मामले में अभी तक दोनों ओर से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज ने कहा कि इस तरह से किसी धर्माचार्य के ऊपर हमला करना शांति व्यवस्था को भंग करने जैसा है और ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यदि कोई विवाद है तो बैठकर बात को शांतिपूर्वक तरीके से उसका निर्धारण करना चाहिए। आश्रम पर हुए हमले की हम निंदा करते हैं। धराचार्य ने कहा कि साध्वी जो खुद विवादों में रहती हैं और इस तरह से यहां आना और उनको मालूम है कि यह आश्रम विवादों में है, ऐसे में यहां आना धर्म नगरी का माहौल खराब करना है। प्रज्ञा सिंह ने जो किया है इसकी हम घोर निंदा करते हैं। महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने कहा किसी धर्माचार्य पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी जिम्मेदार व्यक्ति के देखरेख में यह हमला हुआ या निंदनीय है। कृष्णानंद ने कहा कि हम न्याय प्रक्रिया पर हैं और हम न्याय पर विश्वास करते हैं, जो न्यायालय निर्णय देगा उसी को हम स्वीकार करेंगे। कार्ष्णि नागेन्द्र महाराज ने कहा कि इसकी मुख्यमंत्री से शिकायत की है। उप मुख्यमंत्री एवं कैलाश विजयवर्गीय आदि अन्य संगठन के लोगों से शिकायत कर इस मामले से अवगत कराया। बैठक में विमल चैतन्य महाराज, रामानंद, अरविंद कृष्णम, हरिहर मुद्गल, श्याम सुंदर बृजवासी, गिरधर गोपाल, गोपेश बाबा, धन्वंतरि दास, कृष्णदास, आनंद बिहारी दास, मंगलानंद और गोपश बाबा थे।
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Author: Vijay Singhal
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