हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में संत प्रेमानंद रात्रिकालीन पदयात्रा पर नहीं निकल रहे। लेकिन, अब पिछले दो दिन से संत प्रेमानंद शाम को पांच बजे पदयात्रा करते हुए श्रीराधा केलिकुंज पहुंच रहे हैं। संत की पदयात्रा के दर्शन करने को हजारों की संख्या में श्रद्धालु सड़क पर पहुंच रहे हैं। रात की बजाय शाम के समय को पदयात्रा कर रहे संत प्रेमानंद के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। संत प्रेमानंद लंबे समय से रात्रिकालीन पदयात्रा पर निकल रहे थे। रात दो बजे वे छटीकरा मार्ग स्थित श्रीकृष्ण शरणम स्थित आवास से पदयात्रा करते हुए श्रीराधा केलिकुंज पहुंचते थे। तो रातभर श्रद्धालुओं की भीड़ सड़क पर डेरा डालकर रात्रिकालीन पदयात्रा में संत प्रेमानंद के दर्शन को जुटती थी। दो महीने पहले 4 अक्टूबर को संत प्रेमानंद के अस्वस्थ होने पर रात्रिकालीन पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। लेकिन, अब स्वास्थ में सुधार होने के बाद संत प्रेमानंद ने पहले तो गिरिराजजी की सात कोसीय परिक्रमा पूरी की और फिर वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा करने के बाद दो दिन से अब शाम को पांच बजे सुनरख मोड़ से पदयात्रा करते हुए रमणरेती स्थित श्रीराध केलिकुंज पहुंच रहे हैं। संत प्रेमानंद की शाम की पदयात्रा को देखते हुए दोपहर से ही सड़क पर श्रद्धालु डेरा डालने लगे हैं। सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ संत प्रेमानंद के दर्शन को पहुंच रही है। शुक्रवार को जब संत प्रेमानंद पदयात्रा करते हुए निकले, तो पूरा वातावरण राधा नाम के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने पुष्पवर्षा कर संत प्रेमानंद का स्वागत किया।
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Author: Vijay Singhal
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