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मथुरा-वृंदावन के बीच रेलवे ने बंद की सभी सेवा, मथुरा वृंदावन के बीच किया जा रहा गेज परिवर्तन

ByVijay Singhal

Mar 17, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। उत्तर मध्य रेलवे ने मथुरा वृंदावन के बीच गेज परिवर्तन किए जाने के कारण शुक्रवार से सभी रेल सेवा बंद की जा रही हैं। रेलवे मथुरा वृंदावन के बीच मीटर गेज को हटाकर ब्रॉड गेज में परिवर्तन कर रहा है। जिसके कारण रेलवे ने इस ट्रैक पर चलने वाली रेल बस और वृंदावन स्टेशन को बंद करने का निर्णय लिया है। करीब डेढ़ सौ वर्ष पहले मथुरा-वृंदावन के बीच डाली गई मीटर गेज रेल लाइन जल्द ही इतिहास बन कर रह जाएगी। इस रेल लाइन का गेज परिवर्तन करने का उत्तर मध्य रेलवे ने फैसला लिया है। रेलवे मथुरा वृंदावन के बीच 12 किलोमीटर के मीटर गेज रेल ट्रैक को परिवर्तित कर ब्रॉड गेज करने जा रहा है। इसके बाद न केवल इस ट्रैक की सूरत बदल जायेगी बल्कि वृंदावन स्टेशन भी बदला बदला नजर आएगा।

मथुरा वृंदावन के बीच करीब 12 किलोमीटर का रेल ट्रैक है। इस मीटर गेज को परिवर्तित करने के लिए रेलवे ने प्रोजेक्ट बनाया था । रेलवे के प्रोजेक्ट के अनुसार इस ट्रैक के ब्रॉड गेज में कन्वर्ट करने के दौरान 2 आरओबी, 17 आर यूबी के अलावा 23 छोटे ब्रिज भी बनाए जायेंगे। इस ट्रैक पर 6.6 किलोमीटर का एलिवेटेड इंबैंकमेंट ट्रैक रहेगा इसके अलावा 4.5 किलोमीटर लेबल ट्रैक बनाया जायेगा।
उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल पीआरओ के अनुसार मथुरा- वृंदावन मीटर गेज खंड में शुक्रवार को मीटर गेज से ब्रॉड गेज आमान परिवर्तन कार्य के कारण,गेज परिवर्तन के कार्य को निष्पादित करने के लिए मथुरा– वृंदावन खंड में सभी मीटर गेज सेवाएं एवं मीटर गेज खंड को बंद किया जा रहा है .इस ट्रैक की सभी सेवा गेज परिवर्तन होने का काम पूरा होने तक बंद रहेंगी।

मथुरा वृंदावन के बीच गेज ट्रैक कन्वर्ट के बाद यहां 4 हॉल्ट और 2 रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। मथुरा जंकशन से शुरू होने वाले इस रेल ट्रैक पर पहला हॉल्ट स्टेशन शिव ताल होगा। इसके बाद श्री कृष्ण जन्मस्थान और फिर मसानी पर क्रासिंग रेलवे स्टेशन बनाया जायेगा। यहां से आगे चामुंडा देवी मंदिर के पास और चैतन्य बिहार हॉल्ट स्टेशन होंगे। अंत में वृंदावन स्टेशन टर्मिनल स्टेशन होगा।

मथुरा वृंदावन के बीच रेल ट्रैक करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। यहां मीटर गेज पर पहले भाप की ट्रेन उसके बाद डीजल से चलने वाली 6 डिब्बे की ट्रेन चलती थी। लेकिन इस ट्रैक पर 1998 में 6 डिब्बों की ट्रेन को हटा दिया गया इसके साथ ही हट गया वह डीजल इंजन जो इन 6 डिब्बों में यात्रियों को बैठाकर मथुरा से वृंदावन लाता था। इस 6 डिब्बों की ट्रेन की जगह एक डिब्बे की ट्रेन ने ले ली जो कुछ बस की तरह नजर आती थी जिसे रेल बस कहते थे। 24 वर्ष तक चली यह रेल बस भी अब इतिहास का हिस्सा बन गयी।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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