मथुरा। व्रन्दावन में ओमान का हाई कमिश्नर बताकर वीआईपी प्रोटोकॉल लेने के आरोप में गाजियाबाद पुलिस ने आगरा निवासी प्रोफेसर केएस राणा को गिरफ्तार कर लिया है। वह अभी हाल में वृंदावन में भी सपरिवार आए थे। एक कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि भी रहे थे। पकड़े जाने पर सभी लग आश्चर्यचकित है। यहां भी मथुरा पुलिस का प्रोटोकॉल साथ था। गाजियाबाद पुलिस अब उनके कथित निजी सचिव की पुलिस तलाश कर रही है। बप्रो. राणा गत वर्ष इंडिया जीसीसी ट्रेड काउंसिल एनजीओ से जुड़े थे। वर्ष में 2015 आंबेडकर विवि आगरा से सेवानिवृत्त होने बाद उत्तराखंड और राजस्थान की चार यूनिवर्सिटी में कुलपति रह चुके हैं। फिलहाल वह दिल्ली में रह रहे हैं। पुलिस का कहना है कि प्रो. राणा का निजी सचिव विवेक उन्हें ओमान का हाई कमिश्नर बताकर प्रोटोकॉल देने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखता था, जबकि वे एक एनजीओ से जुड़े हुए हैं। खुद को जीजीसी (गल्फ कंट्रीज काउंसिल) बताकर वीआईपी प्रोटोकॉल लेते थे। गाजियाबाद पुलिस को उनके निजी सचिव का प्रोटोकॉल देने के लिए पत्र पहुंचा तो पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने पूरी जानकारी जुटाकर गाजियाबाद की कौशांबी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्रो. राणा ने अपनी मर्सिडीज कार पर दूतावास वाली नंबर प्लेट लगा रखी थी। जांच करने पर पता चला कि वह लीबिया के राजदूत की गाड़ी का नंबर है। पुलिस अब उनके निजी सचिव की तलाश कर रही है।
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Author: Vijay Singhal
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