हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की मथुरा स्थित रिफाइनरी में 16 सितंबर से 45 दिन तक का शटडाउन रहेगा। इस दौरान 7 हजार से अधिक कर्मचारी 24 घंटे मरम्मत के कार्य में जुटे रहेंगे। पेट्रोलियम पदार्थ की आपूर्ति बार्धित न हो इसके लिए पहले से ही अतिरिक्त उत्पादन करके टैंकों में भंडारण किया जा चुका है। रिफाइनरी प्रबंधन का कहना है कि एनसीआर क्षेत्र में आपूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा। ज्यादा मांग आने पर पानीपत रिफायनरी, इंडस्ट्रियल एरिया स्थित भारत पेट्रोलियम व हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सहयोग से आपूर्ति की जाती रहेगी।
रिफाइनरी में माह के तीसरे सप्ताह में यूनिटों में लगी मशीनों की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इसके लिए रिफाइनरी प्रबंध व्यवस्थाओं में जुटा हुआ है। वैसे प्रतिवर्ष रिफाइनरी में मशीनों का छोटा-मोटा मरम्मत कार्य किया जाता है। इसके लिए संबंधित यूनिट में शटडाउन लिया जाता है, जिससे पेट्रोलियम पदार्थ के उत्पादन व आपूर्ति पर प्रभाव नहीं पड़ता। अब 4 वर्ष बाद रिफाइनरी की सभी यूनिटों में एक साथ कार्य किया जाएगा। इस दौरान मशीनों की पूरी तरह से खोल दिया जाता है। रिफाइनरी के तकनीकि विशेष व देसी व विदेशी कंपनियों के विशेषज्ञ इस कार्य के लिए मथुरा पहुंच चुके हैं। इस दौरान मथुरा रिफाइनरी द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से आगरा भरतपुर के पेट्रोलियम डिपो को आपूर्ति की जा सकती है। शट डाउन के दौरान रिफाइनरी में कच्चा तेल नहीं आएगा। वहीं यहां इस दौरान एटीएफ, पेट्रोल, डीजल केरोसिन, नेफ्था, एलपीजी, सल्फर बाई प्रोडक्ट, फर्निश ऑयल, प्रोपलीन व बिटूमिन आदि का उत्पादन बंद रहेगा। रेनू पाठक , जनसंपर्क अधिकारी, आईओसीएल मथुरा ने कहा, रिफाइनरी की सभी यूनिट में मरम्मत कार्य के लिए शटडाउन लेने की तैयारी की जा रही है। ये शटडाउन करीब 40 से 45 दिन तक चलेगा। पेट्रोलियम पदार्थो की आपूर्ति के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए है। एनसीआर क्षेत्र में किसी प्रकार की आपूर्ति में बाधा नहीं आने दी जाएगी।
रिफाइनरी में माह के तीसरे सप्ताह में यूनिटों में लगी मशीनों की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इसके लिए रिफाइनरी प्रबंध व्यवस्थाओं में जुटा हुआ है। वैसे प्रतिवर्ष रिफाइनरी में मशीनों का छोटा-मोटा मरम्मत कार्य किया जाता है। इसके लिए संबंधित यूनिट में शटडाउन लिया जाता है, जिससे पेट्रोलियम पदार्थ के उत्पादन व आपूर्ति पर प्रभाव नहीं पड़ता। अब 4 वर्ष बाद रिफाइनरी की सभी यूनिटों में एक साथ कार्य किया जाएगा। इस दौरान मशीनों की पूरी तरह से खोल दिया जाता है। रिफाइनरी के तकनीकि विशेष व देसी व विदेशी कंपनियों के विशेषज्ञ इस कार्य के लिए मथुरा पहुंच चुके हैं। इस दौरान मथुरा रिफाइनरी द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से आगरा भरतपुर के पेट्रोलियम डिपो को आपूर्ति की जा सकती है। शट डाउन के दौरान रिफाइनरी में कच्चा तेल नहीं आएगा। वहीं यहां इस दौरान एटीएफ, पेट्रोल, डीजल केरोसिन, नेफ्था, एलपीजी, सल्फर बाई प्रोडक्ट, फर्निश ऑयल, प्रोपलीन व बिटूमिन आदि का उत्पादन बंद रहेगा। रेनू पाठक , जनसंपर्क अधिकारी, आईओसीएल मथुरा ने कहा, रिफाइनरी की सभी यूनिट में मरम्मत कार्य के लिए शटडाउन लेने की तैयारी की जा रही है। ये शटडाउन करीब 40 से 45 दिन तक चलेगा। पेट्रोलियम पदार्थो की आपूर्ति के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए है। एनसीआर क्षेत्र में किसी प्रकार की आपूर्ति में बाधा नहीं आने दी जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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