हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। परिवहन विभाग ने गांवों में बसों का संचालन लगभग बंद कर रखा है। छाता से गोवर्धन मार्ग, मथुरा से सादाबाद, मांट, बाजना, कोसी के दर्जनों गांवों तक रोडवेज की एक भी बस संचालित नहीं है। यहां केवल प्राइवेट बसें, इको और अन्य निजी वाहन ही चल रहे हैं। इससे न सिर्फ ग्रामीणों को दिक्कतें होती है, बल्कि उन छात्रों को भी काफी परेशानियां होती हैं, जो कि गांव से निकलकर शहर तक पढ़ने आते हैं। गांवों से शहर आने के लिए यात्रियों को प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। अनुबंधित बसों को भी इन मार्गों में नहीं लगाया गया है। इस वजह से ग्रामीण यात्रियों को खासी परेशानियां होती हैं। वहीं प्राइवेट वाहन चालक ठसाठस सवारियों को लोड कर लेते हैं और मनचाहा किराया वसूलते हैं। इसके अलावा प्राइवेट बसों और इको गाड़ियों का कोई टाइम टेबल भी नहीं होता है। इस वजह से लोगों के जरूरी काम बिगड़ जाते हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद भी रोडवेज अधिकारी ग्रामीण अंचलों में सरकारी बस सेवा संचालित नहीं कर पा रहे हैं। मथुरा से सादाबाद जाने के लिए काेई बस नहीं है। अगर किसी यात्री को सादाबाद जाना है तो पहले वह टाउनशिप तक जाएगा। यहां उन्हें प्राइवेट बस या इको गाड़ी मिलती है। इसके अलावा छाता से गोवर्धन, फरह के जाजमपट्टी से जुड़ने वाले गांव, मांट और बाजना के लिए कुछेक बसें चलती हैं।
रोडवेज में करीब 70 से अधिक अनुबंधित बसें संचालित हैं। इन बसों के संचालन में दिक्कतें पैदा हो रही हैं। कई बसें तो यार्ड में ही खड़ी रहती हैं। इन बसों को रूटों पर नहीं लगाया जाता है। जबकि निजी वाहन संचालक अपनी गाड़ियों को बेधड़क दौड़ा रहे हैं। अवैध रुप से बने बस अड्डों पर प्राइवेट बसें धड़ाधड़ सवारियां भरती हैं। मदन मोहन शर्मा, एआरएम ने कहा, गांवों से जुड़ने के लिए सर्वे किया गया है। जनता बस सेवा के तहत 50 सीटर की 10 नई बसें मिल गई हैं। सर्वे के बाद इन बसों को गांवाें से जोड़ा जाएगा। योजना पर काम तेजी से चल रहा है।
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Author: Vijay Singhal
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