हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सलाखों के पीछे से मोबाइल फोन का प्रयोग करना अब बंदी को फिर से पांच वर्ष के लिए सलाखों के पीछे करा देगा। लापरवाही या जानबूझ कर की गई इस हरकत पर नया कारागार अधिनियम जेल मैनुअल बहुत सख्त है। जेल अधिकारियों ने नए अधिनियम जानकारी से बंदियों को अवगत करा दिया है। सरकार ने 81वर्ष पुराने जेल मैनुअल में बदलाव किया है। इसमें कई बड़े परिवर्तन हुए हैं। नए जेल मैनुअल ने जेल में मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर सख्ती बढ़ा दी है। यदि कोई भी बंदी जेल के अंदर मोबाइल फोन का प्रयोग करता पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उसे न्यायालय द्वारा दी जा रही सजा के अतिरिक्त पांच वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जेल अधिकारी द्वारा उस बंदी की चरित्र पंजिका में इसे नोट किया जाएगा। इससे उस बंदी को आगे सही चरित्र मिलने पर होने वाले लाभों से भी वंचित किया जाएगा।
जानकारी रहे कि अंग्रेजों द्वारा बनाए गए जेल मैनुअल में मोबाइल का प्रयोग करने पर बंदी के लिए कोई सजा नहीं थी। जिसके चलते शातिर और रसूख रखने वाले अपराधी जेल से चौथ मांगने तक का काम करते थे। इस प्रकार के कई मामले प्रकाश में भी आए थे। केवल जेल अधिकारी जांच कर उसकी चरित्र पंजिका में दर्ज करते थे। कई दफा जेल बंदी पेशी से लौटते समय अपनी किसी परिजन का मोबाइल ले आते थे और किसी तरह से उसे अंदर तक भी ले जाते थे। जो बाद में पकड़ में आता था। जेल में हलुवा के स्थान पर खीर मिला करेगी। नए जेल मैनुअल में विशेष पर्वों पर जेल मेें खीर दी जाएगी। अभी तक इन पर्वों पर सूजी का हलुवा दिया जाता था। इसके अलावा महिला बंदी अब साड़ी के स्थान पर सलवार सूट भी पहन सकेंगी। जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह, ने कहा नये जेल मैनुअल के अनुसार जेल में यदि कोई बंदी मोबाइल का प्रयोग करता मिलता है तो उसे पांच वर्ष की कैद होगी।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes

