हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। प्राथमिक विद्यालय नौहझील प्रथम के प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को बच्चों का ब्रेनवॉश कराने, उन्हें एक धर्म विशेष के प्रति उकसाने और राष्ट्रगान नहीं कराने जैसे गंभीर आरोपों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी की जांच आख्या और स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई है, जिसमें प्रथम दृष्टया प्रधानाध्यापक को सरकारी सेवक आचरण नियमावली के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब भाजपा के मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने शिकायत देकर आरोप लगाया कि विद्यालय परिसर के भीतर धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा दिया जा रहा है। आरोपों के अनुसार, प्रधानाध्यापक न केवल बच्चों को नमाज पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं, बल्कि हिंदू धर्म और देवी-देवताओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी कर बच्चों के कोमल मन में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। शिकायत में यह भी जिक्र है कि विद्यालय में बाहर से संदिग्ध लोगों का आना-जाना बना रहता था जो बच्चों और उनके परिजन पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालते थे। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि प्रधानाध्यापक न तो खुद राष्ट्रगान गाते थे और न ही बच्चों को गाने देते थे, विरोध करने पर बच्चों को धमकाया जाता था। शिकायत की जांच के बाद बीएसए रतन कीर्ति ने प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को निलंबित कर प्राथमिक विद्यालय नगला हिमायूं (मांट) से संबद्ध कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए छाता और मांट के खंड शिक्षा अधिकारियों की एक दो-सदस्यीय संयुक्त जांच समिति गठित की गई है। इस समिति को निर्देश दिया गया है कि वह आरोपों की गहनता से जांच कर एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध कराए। इस आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी और शिक्षा निदेशक सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
