हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सरकार की ओर से कई खाद्य उत्पादों और एफएमसीजी वस्तुओं पर जीएसटी दरें 18% से घटाकर 5% करने के बावजूद, मथुरा जनपद के आसपास के क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। स्थानीय बाजार में जमाखोरी और कथित भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत के कारण तंबाकू उत्पादों सहित आवश्यक वस्तुओं की कीमतें एमआरपी से काफी अधिक वसूली जा रही हैं। बाजार में तंबाकू उत्पादों, विशेषकर सिगरेट की कीमतों में भारी अनियमितता देखी जा रही है। उदाहरण के लिए, गोल्ड फ्लैग सिगरेट की जिस डिब्बी का प्रिंट रेट 95 रुपये है और प्रति सिगरेट की खुदरा कीमत 10 रुपये होनी चाहिए, उसे दुकानदार 15 रुपये में बेच रहे हैं। इस तरह ग्राहकों से सीधे डेढ़ गुना अधिक कीमत वसूली जा रही है, जो एमआरपी से 50% ज्यादा है। जब ग्राहक इसका विरोध करते हैं, तो दुकानदार थोक विक्रेताओं पर अधिक कीमत वसूलने का आरोप लगाते हैं। स्थानीय दुकानदार डालचंद अग्रवाल ने बताया कि जीएसटी घटने के बाद कंपनियों ने केवल दो महीने के लिए कम दरों का ‘लॉलीपॉप’ दिया था। इसके बाद कीमतें फिर से बढ़ गईं। बड़े डिस्ट्रीब्यूटरों का तर्क है कि जब उन्हें कंपनियां ही महंगे दामों पर माल दे रही हैं, तो वे कम कीमत पर कैसे बेचें। इस खुलेआम चल रही लूट पर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जनता प्रशासन और व्यापार मंडल की भूमिका पर सवाल उठा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग और संबंधित अधिकारी इस भ्रष्टाचार पर मौन क्यों हैं, यह एक बड़ा प्रश्न है।व्यापारियों के हितों की रक्षा का दावा करने वाला व्यापार मंडल भी छोटे दुकानदारों और आम जनता की इस लूट पर खामोश है। उनकी जिम्मेदारी केवल बड़े कारोबारियों के हितों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
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Author: Vijay Singhal
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