हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बलदेव के इस बार बलदेव क्षेत्र में आलू का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है लेकिन बाजार में गिरते दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। एक क्विंटल आलू की उत्पादन लागत जहां 1000 से 1200 रुपये तक आ रही है वहीं मंडियों में किसानों को मात्र 600 या इससे कम प्रति क्विंटल के हिसाब से भाव मिल रहा है। किसानों का कहना है आलू की खेती में बुवाई से लेकर खुदाई, कोल्ड स्टोरेज तक भारी निवेश करना पड़ता है। खाद, बीज, कीटनाशक दवाएं, डीजल और मजदूरी की लागत बढ़ रही है, कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। हालत यह है खेतों से आलू खरीदने वाला नहीं है, मंडियों में लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है। बाहर से आने वाले मजदूर इस बार नहीं पहुंचे हैं, इससे किसानों को अधिक मजदूरी देनी पड़ रही है। वहीं कोल्ड स्टोरेज संचालक किसानों को उधार देने से कतरा रहे हैं, इधर बाजार में उपभोक्ताओं को आलू 20 रुपये प्रति किलो तक मिल रहा है, इसका लाभ न तो किसानों को मिल रहा है, न उपभोक्ताओं को। किसानों का आरोप है बिचौलिया माल कमा रहे हैं। गढ़सौली निवासी किसान रामवीर सिंह तोमर ने कहा कि गन्ने की तर्ज पर आलू का भी समर्थन मूल्य तय किया जाए। सरकार आलू की खरीद सुनिश्चित करे तो किसानों को उचित दाम मिल सकता है। आलू अनुसंधान केंद्र, फूड प्रोसेसिंग यूनिट की मांग की जा रही है, सरकार ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा, इसका असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
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Author: Vijay Singhal
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