हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नगर निगम और लोकसभा चुनाव का माहौल प्रदेश में बन रहा है। 24 नवंबर को जवाहर बाग कांड की हाईकोर्ट में तारीख है। इस दिन सीबीआई को अपनी चार्जशीट कोर्ट में पेश करनी है। इसमें कुछ सफेदपोशों के नाम भी आ सकते हैं। इससे आने वाले दिनों में सियासी पारा और चढ़ सकता है। 2 जून 2016 को जब जवाहर बाग कांड हुआ था उस वक्त प्र्रदेश में सपा की सरकार थी। घटना के बाद सरकार पर भी रामवृक्ष यादव को संरक्षण देने के आरोप भी लगे थे। वारदात में जवाहर बाग पर जबरन कब्जा करने वाले उपद्रवियों व पुलिस के मध्य सशस्त्र संघर्ष में 2 पुलिस अधिकारी समेत 29 लोगाें की जान चली गई थी। बाबा जय गुरुदेव के अनुयायी रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में सशस्त्र अतिक्रमणकारियों के दल ने जवाहर बाग की भूमि पर 2014 में कब्जा कर रखा था। अदालत के आदेश के बाद जब पुलिस ने बलपूर्वक अतिक्रमणकारियों से जमीन खाली करने की कोशिश कि तो उन्होंने उग्र विरोध किया। मई 2016 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राम वृक्ष यादव की अपील को खारिज करने के बाद 2 जून 2016 को पुलिस ने जब अतिक्रमणकारियों को जवाहर बाग से हटाने का प्रयास किया तो वह हमलावर हो गए।
जवाहर बाग कांड से जुड़े लोगाें की पैरवी कर रहे अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि पुलिस की सख्ती के चलते न तो पीड़ितों की कोई मदद हो पाई और न ही उनकी सुनवाई हुई। अब उन्हें सीबीआई की जांच रिपोर्ट से बहुत उम्मीद है। तत्कालीन सरकार व उसके नुमाइंदों पर भी आरोप लगे थे। 24 नवंबर को सीबीआई हाईकोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने वाली है।
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Author: Vijay Singhal
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