हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुई लूट के बाद मथुरा पुलिस लूटेरों को पकड़ने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात किए है। हथियारों से लैस पुलिसकर्मी खेत से लेकर पेड़ पर चढ़कर लूटेरों की निगरानी कर रहे है। टोल प्लाजा पर 24 घंटे अनाउंसमेंट किया जा रहा है। जिसमें यात्रियों को बताया जा रहा है कि रास्ते में कोई पत्थर गाड़ी में लगे या कोई आवाज आए तो न रोकें। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने बताया, हर दिन 7 से 8 घंटे लगातार ड्यूटी करते है। इस दौरान न खाना खाते हैं न ही पानी पीते है। बस लूटेरे गैंग और पत्थरबाजों को पकड़ने का मेन मकसद है। एक्सप्रेस- वे से गुजर रहे ड्राइवर राहुल ने कहा कि हम लगातार 2 साल से इसी रास्ते से आते जाते है। हर बार गाड़ी रोकने में डर लगता था। मगर पहली बार मुझे एक्सप्रेस-वे पर चलने में कोई डर नहीं लग रहा है। यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार रात 11 बजे टीम यमुना एक्सप्रेस वे के वृंदावन कट पर पहुंची। यहां कट से नीचे 4 पुलिसकर्मी तैनात थे। जो आते- जाते वाहनों पर टॉर्च मारकर अंदर बैठे व्यक्तियों पर नजर रख रहे थे। टीम 3 किलोमीटर आगे नोएडा की तरफ चली। रास्ते में पुलिस की एक गाड़ी पेट्रोलिंग करती दिखाई दी। यमुना एक्सप्रेस- वे पर आगे बढ़ रहे थे इसी दौरान माइल स्टोन संख्या- 110 पर 3 पुलिसकर्मी खड़े थे। यह पुलिस कर्मी- कभी टॉर्च की रोशनी एक्सप्रेस वे के साइड में झाड़ियों पर टॉर्च की रोशनी मारते तो कभी एक्सप्रेस वे से गुजर रहे वाहनों पर। यहां हम रुके तो पुलिसकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि यह सुनसान इलाका है। यहां लूटेरे झांडियों में बैठ सकते है। इसलिए एक्सप्रेस वे और झाड़ियां दोनों जगह नजर रख रहे हैं। इसके बाद टीम यमुना एक्सप्रेस- वे पर सुरक्षा का रियल्टी टेस्ट करते हुए मथुरा टोल पर पहुंचे। यहां लगे माइक से यात्रियों को अलर्ट करने का मैसेज चल रहा था। P A सिस्टम यानी पब्लिक एलाउंस सिस्टम के जरिए टोल पर रुकने वाली गाड़ियों में बैठे यात्रियों को बताया जा रहा था कि रास्ते में कोई पत्थर गाड़ी में लगे या कोई आवाज आए तो तुरंत न रोकें। जहां भी कहीं आगे चल कर पुलिसकर्मी नजर आएं वहां रोकें और जानकारी दें। यह अलाउंस लगातार 24 घंटे किया जा रहा था। टोल बूथ से टीम आगे बढ़े तो रास्ते में एक जगह सुनसान इलाका दिखाई दिया। यहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। यहां टीम ने गाड़ी रोकी तो डिवाइडर पर लगे पेड़ों से टॉर्च की रोशनी टीम पर मारी जा रही थी। टीम ने पास जा कर देखा तो एक पेड़ पर एक व्यक्ति बैठा था। सुनसान इलाके में पेड़ पर बैठे व्यक्ति को देखकर कुछ अनहोनी की आशंका हुई। लेकिन उसने बताया कि वह पुलिसकर्मी है और एसओजी टीम में है। इसके बाद राहत महसूस हुई। एसएसपी शैलेश पांडे ने बताया कि पुलिस दो मॉड्यूल पर काम कर रही है। पहला जो लूट की वारदात हुई है उनका जल्द से जल्द खुलासा हो और दूसरा एक्सप्रेस वे पर कोई वारदात न हो। इसी के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। करीब 90 किलोमीटर के एक्सप्रेस वे पर 150 पुलिस कर्मी तैनात हैं। उन्होंने कहा कई बार बदमाश पुलिस की वर्दी या गाड़ी देखकर अपना रास्ता बदल लेते हैं। इसके लिए करीब 20 पुलिस कर्मियों को सादी वर्दी में उन जगहों पर पेड़ों पर तैनात किया है जो ज्यादा सुनसान हैं और सेंसिटिव हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे पर कार सवारों से हुई लूट की दो वारदातों ने मथुरा पुलिस की नींद उड़ा दी है। गैंग को पकड़ने के लिए पुलिस ने एकदम नया तरीका अपनाया। एक्सप्रेस-वे के किनारे पेड़ों, खेतों में पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। 90 किमी. के एक्सप्रेस-वे स्ट्रेच पर 150 जवान राउंड द क्लॉक तैनात किए गए हैं। कहीं 3 तो कहीं 4 किलोमीटर में एक-एक, दो-दो जवान लगाए हैं। ये पुलिसकर्मी कहीं वर्दी तो कहीं सिविल ड्रेस में तैनात हैं। हथियार और दूरबीन से लैस हैं। पुलिस के साथ ही इसमें SOG जवान भी लगाए गए हैं।
