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ब्रज की सांझी कला देखने गुजरात के तीर्थ यात्री और स्कूली बच्चे की टुकड़ियां पहुंचीं, गदगद

ByVijay Singhal

Oct 11, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, पर्यटन विभाग एवं जीएलए विश्वविद्यालय द्वारा 10 से 14 अक्टूबर के मध्य रसखान समाधि स्थल पर आयोजित सांझी महोत्सव- 2023 में बनायी जा रहीं सांझियों को निहारने के लिए बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं व बाहर के तीर्थ यात्री अलग-अलग टुकड़ियों में पहुंच रहे हैं। उन्हे सांझी अवलोकन के अलावा रसखान और ताज बीबी पर बनायी लघु फिल्में डॉक्यूमेंट्री भी इंटरप्रिटेशन सेंटर में दिखायी जा रही है।
दो दिन के अंदर दर्जन भर स्कूल-कालेज के छात्र-छात्राओं ने रसखान समाधि स्थल का भ्रमण किया व सांझी कला को देखा। गुजरात के तीर्थ यात्रियों एवं स्थानीय तीर्थ यात्रियों ने भी रसखान समाधि स्थल का भ्रमण कर सांझी महोत्सव में भाग लिया। सभी ने अलग-अलग तरीके से बनायी जा रहीं रंग बिरंगी सांझियों को निहारा। बाहर से आये  तीर्थ यात्रियों के दल रमणरेती में दर्शन करने भी पहुंचे।
गुजरात के यात्रियों का बड़ा सुखद अनुभव रहा। सौराष्ट्र से आए गुजरात के अवकाश प्राप्त शिक्षक भी भीखू मरजानी ने बताया कि सौराष्ट्र के संप्रदाय के मंदिरों में सांझी (चित्र) बने हुए हैं। हमें यह देखकर प्रसन्नता हुई है कि कृष्ण भगवान के मंदिरों की सांझी चित्र परंपरा को ब्रज में जीवित रखने के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और जीएलए विश्वविद्यालय मिलकर सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। यही प्रतिक्रिया रसखान समाधि स्थल पर भ्रमण करने पर आये अनय लोगों व स्कूली बच्चों की थी। गुजरात से आये तीर्थ यात्रियों में भीखू मरजादी के अलावा  भगवान जी भाई, कांति भाई,  शांता वैन, काला वैन व काजल  वैन थीं। ये सभी रसखान समाधि पर सौराष्ट्र के गिरि सोमाना नामक स्थान से आए थे।
सांझी महोत्सव-2023 का शुभारंभ जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति डा अनूप गुप्ता, डिप्टी सीईओ जेपी पांडेय, जिला पर्यटन अधिकारी डी के शर्मा, तकनीकी सलाहकार आर के जायसवाल ने संयुक्त रूप से किया।
शुभारंभ मौके पर ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डा उमेश चंद्र शर्मा, सहायक अभियंता आर पी सिंह यादव व दूधनाथ सिंह, गीता शोध संस्थान वृंदावन के समन्वयक चन्द्र प्रताप सिंह सिकरवार आदि अधिकारीगण उपस्थित रहे।
प्रथम दिन जिन चित्रकारों ने विभिन्न प्रकार की रंग-बिरंगी सूखे रंगों की सांझी पर तैयार की। यह अष्टकोंण की वेदी पर तैयार की गयी है। यह देवालय सांझी है जो मंदिरों में बनायी जाती है। इसे साझी चित्रकार शशांक गोस्वामी, चित्रांग गोस्वामी, पुष्पांग गोस्वामी ने बनाया।
खजानी इंस्टीट्यूट की छात्राएं कु. भावना दीक्षित, कु. मुस्कान प्रजापति, कु. यामिनी मिश्र, कु. प्राची मिश्रा, कु. गायत्री ने सूखे रंगों से कैनवास पर रासलीला का चित्रण किया। उनको इंस्टीट्यूट की सचिव शिप्रा राठी के नेतृत्व में रिंकी चौधरी ने दिशा निर्देशन किया।
चित्रकार श्रीकृष्ण इंटर कालेज के कला शिक्षक अनिल सोनी ने सैंड कलर से रखखान का चित्रांकन किया। स्वतन्त्र चित्रकार श्रीमती खुशबू उपाध्याय सोनी ने लड्डू गोपाल का चित्रण किया।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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