हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नगर आयुक्त के पीए के रूप में काम कर रहे कमर्चारी होशियार सिंह की नियम विरुद्ध पदोन्नति की शिकायत की जांच के बाद मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त को पदोन्नति निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। पार्षद राजवीर सिंह चौधरी ने इससे पहले तत्कालीन नगर आयुक्त अनुनय झा को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि वर्ष 2007 में नगर पालिका परिषद में बैकलॉग कोटे से होशियार सिंह को बतौर सफाई कर्मचारी नियुक्त किया गया था। इसके साथ ही करीब 136 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। आरोप था कि होशियार सिंह ने वर्ष 2011 में तत्कालीन अधिकारियों से सांठगांठ कर लिपिकीय पद पर नियम विरुद्ध पदोन्नति पा ली। अन्य कमर्चारियों द्वारा शिकायत करने पर जिला स्तरीय जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी ने होशियार सिंह की पदोन्नति को नियम विरुद्ध पाते हुए निरस्त करने की संस्तुति की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद 3 नवंबर 2023 को इस मामले की शिकायत मंडलायुक्त से की गई। उनके निर्देश पर अपर आयुक्त आगरा मंडल ने अपने स्तर पर जांच की। जांच रिपोर्ट में सभी शिकायतों को सही पाया। इस रिपोर्ट के आधार पर मंडलायुक्त ने नगर निगम मथुरा-वृन्दावन में तैनात होशियार सिंह की नियम विरुद्ध एवं शासनादेशों के विपरीत की गई पदोन्नति को निरस्त किए जाने के संबंध में नगरायुक्त को अपने स्तर से शीघ्र कार्रवाई कर अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारियों को पदोन्नत किए जाने से पहले आरक्षण का अनुपालन नहीं किया गया। 33 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई थी। ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण के मुताबिक इस वर्ग के केवल 7 कर्मियों को पदोन्नति दी जानी थी, लेकिन 19 कर्मियों को दी गई। कर्मचारियों की ग्रेडेशन सूची नहीं बनाई गई। केवल प्रार्थना पत्र प्राप्त कर चहेते कर्मियों को पदोन्नति दे दी गई। कर्मचारियों की ग्रेडेशन सूची नहीं बनाई गई। केवल प्रार्थना पत्र प्राप्त कर चहेते कर्मियों को पदोन्नति दे दी गई।
पदोन्नति से पहले टंकक परीक्षा नहीं ली गई।
पदोन्नति के संबंध में कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची तैयार नहीं की गई। बैकलॉग कर्मियों की सेवा के पांच साल पूरे नहीं हुए फिर भी शासनादेश के विरुद्ध पदोन्नति दे दी गई। उपरोक्त के अलावा कई और बिंदु हैं,जिनकी पुन: आख्या की अनुशंसा की गई है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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