हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जवाहर बाग हिंसा को दो जून रविवार को आठ साल हो जाएंगे। जवाहर बाग की सूरत और सीरत तो बदल दी गई, बस अभी तक इस हिंसा में शहीद हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसएचओ संतोष यादव की प्रतिमा नहीं लग सकी। जबकि नगर निगम की कैबिनेट बैठक में 25 जून 2021 में प्रतिमा लगाने पर मुहर लगाई गई थी। अगर प्रतिमा लग जाए तो इससे सच्ची श्रद्धांजलि शहीदों के लिए यही होगी। 2 जून 2016 को जवाहर बाग को रामवृक्ष यादव से कब्जामुक्त कराते हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसएचओ संतोष यादव शहीद हो गए थे। इस हिंसा में करीब 27 लोगों की जानें भी गई थीं। उसी वक्त भाजपा ने सपा सरकार को इस हिंसा के लिए जमकर घेरा था। 2017 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद भाजपा नेताओं ने प्रतिमाएं लगाने का एलान किया था, लेकिन 8 साल बीतने के बाद भी आजतक शहीदों की प्रतिमाएं तो नहीं लगीं, पर 14 करोड़ रुपये से जवाहर बाग की सूरत और सीरत जरूर बदल गई। दोनों शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद एसपी सिटी की धर्मपत्नी अर्चना द्विवेदी परिवार के संग रविवार को सुबह नौ बजे जवाहर बाग पहुंचेंगी। शहीदों की आठवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगी।
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Author: Vijay Singhal
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