हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिले में सर्दी का असर दुग्ध उत्पादन पर भी देखने को मिला है। इस मौसम में दुधारू पशुओं को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मिलने से दूध देने की क्षमता बढ़ी है। इसलिए एक माह में 50 फीसदी दुग्ध उत्पादन की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि प्रतिलीटर दूध पर 4 रुपये की गिरावट देखने को मिली है। सर्दियों के मौसम में दुधारू पशुओं को 8-12 किलो आहार की रोजाना जरूरत होती है। अच्छी गुणवत्ता का सूखा चारा जैसे जई, रिजका, हरी घास, बाजरा व गेहूं का दलिया इत्यादि के साथ उच्च पाचकता गुणांक वाला चारा पशुओं को दिया जाता है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा, प्रोटीन व अन्य पोषक तत्व रहने से उनके दूध देने की क्षमता भी बढ़ जाती है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जो पशु पहले 5 से 7 लीटर दूध दे रहे थे, वे बढ़कर 8 से 11 लीटर दूध दे रहे हैं। दुग्ध उत्पादन बढ़ने के कारण दुग्ध संघ की समितियों में दूध के दाम घटा दिए हैं। दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के प्रधान प्रबंधक राजेंद्र खारियान ने बताया है कि हर बार सर्दियों में इस तरह की स्थिति हो जाती है। एक माह पहले प्रतिदिन करीब 11 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता था, मौसम बदलते ही अब यह आंकड़ा बढ़कर 26 हजार लीटर तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि दूध में वृद्धि होने से दामों में भी फर्क आया है। अब संघ समितियां 48 रुपये प्रतिलीटर के हिसाब से किसानों से दूध खरीद रही हैं, जबकि इससे पहले 52 रुपये के हिसाब से दूध खरीदा जा रहा था। ऐसे में सर्दियों भर इसी रेट में समितियां दूध खरीदेंगी। दुग्ध उत्पादन बढ़ने के साथ ही नंदबाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत गठित 6 नई समितियों का रजिस्ट्रेशन भी हो गया है। प्रत्येक समिति पर 35 से 40 सदस्य होते हैं। अब इनको सरकार द्वारा चलाई जा रहीं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही दुधारू पशुओं का दूध भी समितियों को बेचेंगे।
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Author: Vijay Singhal
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