मथुरा। मथुरा में जिला उद्योग केंद्र में बतौर डिप्टी कमिश्नर इंडस्ट्रीज के पद पर 3 वर्षों से तैनात हैं। डिप्टी कमिश्नर रावेंद्र कुमार के पिता की हत्या कर दी गई है। वह चारा काटने खेत में जा रहे थे, तभी गांव के 5 दबंगों ने घात लगाकर बांके से हमला कर दिया। इसमें उनका हाथ कट गया। घरवालों ने उन्हें आनन-फानन में हरदोई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां से डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई। फिलहाल, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि तीन की तलाश में जुटी है। पूरी घटना मुड़रामऊ गांव की है। यहां के रहने वाले रावेंद्र कुमार मथुरा में जिला उद्योग केंद्र में बतौर डिप्टी कमिश्नर इंडस्ट्रीज के पद पर 3 वर्षों से तैनात हैं। उनका परिवार गांव में ही रहता है। उनके पिता दयाराम (75) गांव में ही खेतीबाड़ी करते हैं। मरने से पहले दयाराम ने बताया, ‘मैं चारा काटने जा रहा था, तभी महावीर, रघुवीर, परीक्षित उर्फ संदीप, मनोज, रजनीश ने उनके ऊपर हमला कर दिया। उन्होंने पहले मुझे जमकर पीटा, फिर बांका से मेरा हाथ काट दिया। चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर घरवाले आ गए। लेकिन तब तक आरोपी भाग गए थे। ASP दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि दो पक्षों में विवाद चल रहा था। इसी को लेकर एक पक्ष ने दयाराम पर बांके से हमला बोल दिया। इसमें उनका हाथ भी कट गया। उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, दयाराम के छोटे बेटे विजय प्रताप के नाम दिसंबर 2013 को भारत गैस एजेंसी मंजूर हुई थी। कुछ समय बाद महावीर ने विजय की गैस एजेंसी को निरस्त करवा दिया था। इसके बाद महावीर ने फर्जी तरीके से खुद का नाम बदलकर हंसराज बताकर गैस एजेंसी अपने नाम करवा ली थी। दयाराम ने 2021 में कोर्ट के आदेश पर महावीर के खिलाफ पाली थाने में फ्रॉड सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें महावीर को जेल भी हुई थी। जांच में गलत पाए जाने पर महावीर की गैस एजेंसी को भी निरस्त कर दिया गया था। तभी से महावीर और दयाराम के बीच दुश्मनी चल रही है। थाना प्रभारी राजकुमार पांडेय ने बताया कि दयाराम के शव को जिला चिकित्सालय के शव गृह में रखवा दिया गया है।
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Author: Vijay Singhal
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