मथुरा रिफाइनरी को यह पुरस्कार पिछले चार वर्ष में से 3 बार मिल चुका है। पीआरओ रेनू पाठक ने बताया कि पिछले चार वर्षों में तीन बार मथुरा रिफाइनरी ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किया है। मथुरा रिफाइनरी को यह पुरस्कार 2019, 2021 और 2022 में मिला। रेनू पाठक के अनुसार मथुरा रिफाइनरी उत्कृष्ट परिचालन प्रदर्शन, उत्कृष्ट ऊर्जा दक्षता मैट्रिक्स, असाधारण क्षमता उपयोग, कम परिचालन लागत, उत्कृष्ट स्थिरता उपायों और उत्कृष्ट जीआरएम सुधार के कारण इस उपलब्धि को हासिल करने में सफल रही है।
तीन वर्षों की तुलना में रिफाइनरी का जीआरएम 243% बढ़ा
मथुरा रिफाइनरी वर्ष 2022 में 74.9% डिस्टिलेट उपज के साथ 114% की क्षमता उपयोग के साथ 9.123 एमएमटीपीए क्रूड प्रोसेस करने में सफल रही थी। पिछले तीन वर्षों की तुलना में रिफाइनरी का जीआरएम 243% बढ़ा है। जबकि औसत परिचालन लागत में 1% की कमी आई। मथुरा रिफाइनरी इंडियन ऑयल में पहली रिफाइनरी है जो उपचारित एसटीपी पानी का उपयोग कर रही है। जिससे यमुना से फ्रैश वॉटर के इस्तेमाल को कम किया जा रहा है। इसके अलावा XP100 और एथनोल ब्लेंडेड पेट्रोल के उत्पादन ने भी रिफाइनरी की एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
कार्यकारी निदेशक ने की कर्मियों की सराहना
यह उपलब्धि हासिल करने के लिए मथुरा रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक व रिफाइनरी प्रमुख अजय कुमार तिवारी ने सभी रिफाइनरी कर्मियों की सराहना की और साथ ही विश्वास जताया कि सभी रिफाइनरी कर्मी आगे भी अपने प्रयास निरंतर जारी रखेंगे ताकि भविष्य में भी मथुरा रिफाइनरी नए कीर्तिमान स्थापित करती रहे। अजय कुमार तिवारी ने रिफाइनरी से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी हित धारकों का धन्यवाद दिया। जिन्होंने मथुरा रिफाइनरी का हर कदम पर साथ दिया है और नई सफलताएं अर्जित करने मे अपना योगदान दिया है।
